8th Pay Commission Update: ₹65,000 बेसिक सैलरी की मांग तेज, DA-HRA और पेंशन पर भी बड़ा प्रस्ताव
8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक अहम अपडेट सामने आई है। आयोग की टीम ने दिल्ली और देहरादून के बाद अब पुणे में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जहां 4 और 5 मई को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई बड़े मुद्दों और मांगों को सामने रखा गया।
💰 न्यूनतम वेतन ₹65,000 करने की मांग
महाराष्ट्र राज्य जुनी पेंशन संगठन (MSOPO) ने आयोग के सामने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें सबसे बड़ी मांग मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 को बढ़ाकर सीधे ₹65,000 करने की है।
संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए वर्तमान वेतन संरचना पर्याप्त नहीं है और कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसमें बड़ा बदलाव जरूरी है।
📊 फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव प्रस्तावित
सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि फिटमेंट फैक्टर में भी संशोधन की मांग की गई है।
- वर्तमान: 2.57
- प्रस्तावित: 3.8
यदि यह बदलाव लागू होता है, तो कर्मचारियों की कुल सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
👨👩👧👦 फैमिली यूनिट फॉर्मूले में बदलाव
संगठन ने वेतन गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले फैमिली यूनिट फॉर्मूले में भी बदलाव का सुझाव दिया है।
अब तक 3 सदस्यों के आधार पर गणना की जाती है, लेकिन इसे बढ़ाकर 5 सदस्यों की फैमिली मानने की मांग की गई है। इससे कर्मचारियों की जरूरतों के हिसाब से बेहतर सैलरी तय की जा सकेगी।
🏠 HRA में बढ़ोतरी की मांग
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है:
- वर्तमान दरें: 10%, 20%, 30%
- प्रस्तावित दरें: 12%, 24%, 36%
इससे खासकर बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
📈 DA, TA और इंक्रीमेंट पर सुझाव
महंगाई भत्ता (DA) और यात्रा भत्ता (TA) को लेकर भी कई अहम सुझाव दिए गए हैं:
- DA को अलग तरीके से लागू करने का सुझाव
- TA में 2.5 गुना तक बढ़ोतरी की मांग
- सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 5% करने का प्रस्ताव
🧾 पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग
बैठक में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर भी जोरदार मांग उठाई गई।
- करीब 85 लाख NPS कर्मचारियों के लिए OPS लागू करने की मांग
- फैमिली पेंशन को 50% तक बनाए रखने का प्रस्ताव
यह मुद्दा लंबे समय से कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
📝 निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग से जुड़ी ये मांगें दिखाती हैं कि कर्मचारी संगठनों की अपेक्षाएं काफी बढ़ चुकी हैं। अगर इन प्रस्तावों पर विचार होता है, तो आने वाले समय में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
