8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन सुधार जैसे मुद्दों के साथ अब एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद महंगाई भत्ता (DA) फिर से शून्य यानी 0% हो जाएगा।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत करीब 60% महंगाई भत्ता मिल रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद DA का क्या होगा।
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Dr. Manjeet Patel के अनुसार, 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद महंगाई भत्ता शून्य से शुरू होगा।
उन्होंने बताया कि 7वें वेतन आयोग की अवधि दिसंबर 2025 तक मानी जा रही है, जबकि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। ऐसे में पुराने DA को नई बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाएगा और इसके बाद DA का नया चक्र 0% से शुरू होगा।
DA जीरो होने का क्या मतलब है?
कई कर्मचारियों को यह लग सकता है कि DA शून्य होने से उनकी सैलरी कम हो जाएगी, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता।
दरअसल, जब नया वेतन आयोग लागू किया जाता है, तब मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाता है। यानी कर्मचारियों की नई बेसिक पे पहले से ज्यादा हो जाती है। इसके बाद महंगाई भत्ते की गणना नए सिरे से शुरू होती है।
उदाहरण के तौर पर, वर्तमान में जो लगभग 60% DA मिल रहा है, उसका प्रभाव नई बेसिक सैलरी में शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद सरकार हर साल दो बार DA बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रखेगी।
कर्मचारियों को फायदा होगा या नुकसान?
विशेषज्ञों का मानना है कि DA का बेसिक पे में मर्ज होना लंबे समय में कर्मचारियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। इससे बेसिक सैलरी बढ़ती है, जिसका असर HRA, TA, पेंशन और अन्य भत्तों पर भी पड़ सकता है।
यही कारण है कि हर नए वेतन आयोग के दौरान DA को बेसिक पे में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर जारी
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया इस समय तेजी से आगे बढ़ रही है। आयोग देश के कई शहरों में बैठकों और चर्चा कार्यक्रमों का आयोजन कर चुका है।
आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसका काम नई दिल्ली स्थित चंद्रलोक भवन, जनपथ से संचालित किया जा रहा है। 13 और 14 मई को दिल्ली में होने वाली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
इस बैठक में रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय से जुड़े संस्थान, कर्मचारी संगठन और यूनियनें हिस्सा लेंगी। माना जा रहा है कि इन बैठकों में वेतन, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
