सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के फैसले के बाद घरेलू बाजार में इन कीमती धातुओं की कीमतों में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया। बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों के दाम तेजी से ऊपर चढ़ गए।
सरकार ने गोल्ड और अन्य कीमती धातुओं पर लागू इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इस फैसले के तुरंत बाद बाजार में सोना करीब ₹11,000 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया, जबकि चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली।
MCX पर सोने की कीमत में बड़ा उछाल
एमसीएक्स पर 5 जून एक्सपायरी वाले 24 कैरेट गोल्ड फ्यूचर का भाव मंगलवार को ₹1,53,442 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लेकिन बुधवार को बाजार खुलते ही सोने की कीमत तेजी से बढ़कर ₹1,64,497 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।
इस हिसाब से एक ही दिन में सोना लगभग ₹11,055 प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। बाजार में करीब 7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया।
चांदी की कीमत भी पहुंची रिकॉर्ड स्तर के करीब
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर 3 जुलाई एक्सपायरी वाली सिल्वर फ्यूचर मंगलवार को ₹2,79,062 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
बुधवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी का भाव उछलकर ₹3,01,429 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। यानी एक दिन में चांदी करीब ₹22,367 प्रति किलो महंगी हो गई।
अब भी लाइफ टाइम हाई से नीचे हैं भाव
हालिया तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई लेवल से नीचे कारोबार कर रहे हैं।
- सोने का लाइफ टाइम हाई लगभग ₹2,02,984 प्रति 10 ग्राम रहा है
- मौजूदा भाव इसके मुकाबले करीब ₹38,487 कम हैं
वहीं:
- चांदी का रिकॉर्ड हाई करीब ₹4,57,328 प्रति किलो रहा है
- मौजूदा कीमत इससे लगभग ₹1,55,899 कम है
सरकार ने क्यों बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी?
केंद्र सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ा बदलाव करते हुए बेसिक कस्टम ड्यूटी को 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया है। इसके अलावा Agriculture Infrastructure and Development Cess (AIDC) भी 1% से बढ़ाकर 5% कर दिया गया है।
इन दोनों को मिलाकर अब सोने पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी 15% हो गई है। इससे विदेशों से सोना और चांदी आयात करना महंगा हो जाएगा।
दरअसल, जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी को घटाकर 6% किया था, लेकिन अब बढ़ते आयात और विदेशी मुद्रा पर दबाव को देखते हुए फिर से ड्यूटी बढ़ा दी गई है।
प्रधानमंत्री ने सोना खरीदने को लेकर की थी अपील
हाल ही में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि बढ़ते वैश्विक तनाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को देखते हुए लोगों को एक साल तक सोने की खरीद कम करनी चाहिए।
सरकार का मानना है कि ज्यादा गोल्ड इंपोर्ट से डॉलर में भुगतान बढ़ता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार और ट्रेड डेफिसिट पर दबाव पड़ता है। ऐसे में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर सरकार गोल्ड इंपोर्ट को नियंत्रित करना चाहती है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी रही और इंपोर्ट ड्यूटी ऊंची बनी रही, तो घरेलू बाजार में भी कीमतें और बढ़ सकती हैं। इसका असर ज्वेलरी कारोबार, निवेश और शादी-ब्याह के सीजन की खरीदारी पर देखने को मिल सकता है।
