केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। हाल ही में आयोजित नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की, जिसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS), प्रमोशन, मेडिकल रीइम्बर्समेंट और अनुकंपा नियुक्ति जैसे विषय प्रमुख रूप से उठाए गए।
कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि इन मांगों को भविष्य में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में शामिल किया जा सकता है।
कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में व्यय विभाग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने इस मंच पर लंबे समय से लंबित मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा समय में कर्मचारियों की जरूरतों और बढ़ती महंगाई को देखते हुए सेवा नियमों और पेंशन व्यवस्था में बदलाव जरूरी हो गया है।
OPS को लेकर उठी बड़ी मांग
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर हुई। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने मांग की कि 22 दिसंबर 2023 से पहले निकाली गई भर्तियों में चयनित कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया जाए।
उनका कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में प्रशासनिक देरी हुई और किसी कर्मचारी की नियुक्ति 2004 के बाद हुई, तो इसमें कर्मचारी की कोई गलती नहीं मानी जानी चाहिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक व्यय विभाग (DOE) और पेंशन विभाग (DOP&PW) ने इस मांग पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिससे लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
अनुकंपा नियुक्ति वालों के लिए भी OPS की मांग
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि जिन सरकारी कर्मचारियों की मृत्यु वर्ष 2003 या उससे पहले हो गई थी और उनके आश्रितों ने तय समय सीमा से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था, उन्हें भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए।
कर्मचारी संगठनों का मानना है कि ऐसे परिवारों को OPS से बाहर रखना उचित नहीं होगा।
क्या है Old Pension Scheme?
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद निश्चित और आजीवन पेंशन की गारंटी देती है। इस योजना के तहत कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय उसकी अंतिम प्राप्त सैलरी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में मिलता है।
केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 से OPS को बंद कर नई पेंशन योजना (NPS) लागू की थी।
OPS और NPS में क्या अंतर है?
- OPS में पेंशन की राशि तय होती है
- NPS में पेंशन बाजार और निवेश पर निर्भर करती है
- OPS में रिटायरमेंट के बाद ज्यादा वित्तीय सुरक्षा मिलती है
- NPS और UPS में बाजार जोखिम बना रहता है
इसी वजह से बड़ी संख्या में कर्मचारी OPS की वापसी की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारियों की बढ़ीं उम्मीदें
8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही बैठकों और चर्चाओं के बीच केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले और आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है, क्योंकि इनसे भविष्य में वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
