मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इस बार सोने और चांदी के बाजार में अलग तस्वीर देखने को मिल रही है। आमतौर पर युद्ध या भू-राजनीतिक संकट के दौरान निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ रुख करते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया नरम रुख और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने गोल्ड मार्केट पर दबाव बढ़ा दिया है।
ट्रंप के बयान का बाजार पर असर
पिछले सप्ताह चीन दौरे से लौटने के बाद ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए थे। हालांकि बाद में कतर, सऊदी अरब और यूएई के नेताओं की अपील पर उन्होंने प्रस्तावित हमले को फिलहाल टाल दिया।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव कुछ कम होता दिखाई दिया, जिसका असर सोने और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश से दूरी बनानी शुरू की, जिससे गोल्ड की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली।
इंटरनेशनल मार्केट में क्या है हाल?
मंगलवार सुबह कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमत करीब 8 डॉलर गिरकर 4,559 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
वहीं:
- चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई
- हालांकि सिल्वर में हल्की रिकवरी के संकेत मिले
विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों का रुझान पारंपरिक तरीके से गोल्ड की तरफ नहीं बढ़ा, जिससे बाजार में दबाव बना हुआ है।
घरेलू बाजार में भी टूटा सोना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। सोमवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों कमजोरी के साथ बंद हुए।
IBJA द्वारा जारी रेट के अनुसार:
सोने के ताजा भाव
- 24 कैरेट गोल्ड: ₹1,57,821 प्रति 10 ग्राम
- 23 कैरेट गोल्ड: ₹1,57,189 प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट गोल्ड: ₹1,44,564 प्रति 10 ग्राम
चांदी का भाव
- चांदी: ₹2,68,040 प्रति किलोग्राम
कस्टम ड्यूटी बढ़ने का भी पड़ा असर
हाल ही में भारत सरकार ने सोने के आयात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया था। सरकार ने इसे 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया, ताकि:
- रुपये पर दबाव कम किया जा सके
- विदेशी मुद्रा भंडार को बचाया जा सके
इस फैसले के बाद सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। हालांकि अब अंतरराष्ट्रीय दबाव और कमजोर मांग के चलते कीमतों में नरमी आ रही है।
क्यों बदल गया गोल्ड मार्केट का ट्रेंड?
आमतौर पर:
- युद्ध
- वैश्विक तनाव
- आर्थिक अनिश्चितता
के दौरान सोने की मांग बढ़ती है। लेकिन इस बार निवेशकों की रणनीति अलग दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- डॉलर की मजबूती
- बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
- कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
जैसे कारणों की वजह से सोने पर दबाव बना हुआ है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में:
- अमेरिका-ईरान तनाव
- डॉलर इंडेक्स
- कच्चे तेल की कीमतें
- और वैश्विक आर्थिक संकेत
सोने और चांदी की दिशा तय करेंगे।
ऐसे में निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
