प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से अगले एक साल तक सोने की खरीदारी से बचने की अपील के बाद देश में गोल्ड रिजर्व और सोने की मांग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री के इस बयान ने निवेशकों और आम लोगों का ध्यान भारत के स्वर्ण भंडार की ओर खींचा है।
भारत में सोना सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा, शादी-ब्याह और त्योहारों से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि गोल्ड मार्केट से जुड़ी हर खबर लोगों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन जाती है।
भारत दुनिया के टॉप-5 गोल्ड रिजर्व वाले देशों में शामिल
विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास 880.52 टन सोने का भंडार है। इसी के साथ भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड रिजर्व रखने वाले देशों की सूची में पांचवें स्थान पर बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए अपनी स्थिति मजबूत की है।
दुनिया में बढ़ रही है सोने की मांग
साल 2026 की पहली तिमाही में वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में बड़ी तेजी देखने को मिली। इस दौरान दुनियाभर में कुल गोल्ड डिमांड 1231 टन तक पहुंच गई, जिसकी कुल कीमत करीब 193 अरब डॉलर आंकी गई।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- गोल्ड बार और सिक्कों की मांग मजबूत रही
- केंद्रीय बैंकों ने लगातार सोना खरीदा
- ऊंची कीमतों के कारण ज्वेलरी की मांग पर कुछ दबाव रहा
- ETF निवेश में हल्की कमजोरी देखने को मिली
अमेरिका अब भी नंबर-1
गोल्ड रिजर्व के मामले में अमेरिका अब भी दुनिया में पहले स्थान पर बना हुआ है। अमेरिका के पास करीब 8133.46 टन सोने का भंडार है, जो किसी भी देश से सबसे ज्यादा है।
हालांकि 2026 की पहली तिमाही में अमेरिका में गोल्ड ETF से निकासी देखी गई, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण वहां सोने की अहमियत बनी हुई है।
भारत में गोल्ड निवेश में तेजी
भारत में जनवरी से मार्च 2026 के दौरान सोने की कुल मांग सालाना आधार पर करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 151 टन पहुंच गई।
मूल्य के हिसाब से यह मांग लगभग दोगुनी होकर:
- ₹2.275 लाख करोड़
- यानी करीब 25 अरब डॉलर
तक पहुंच गई।
किस सेक्टर में रही ज्यादा मांग?
- गोल्ड बार और सिक्के: 62 टन
- ज्वेलरी डिमांड: 66 टन
- गोल्ड ETF निवेश: रिकॉर्ड स्तर पर
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच लोग सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।
दुनिया के टॉप-10 गोल्ड रिजर्व वाले देश
| रैंक | देश | गोल्ड रिजर्व |
|---|---|---|
| 1 | अमेरिका | 8133.46 टन |
| 2 | इटली | 2451.84 टन |
| 3 | चीन | 2313.46 टन |
| 4 | रूस | 2304.75 टन |
| 5 | भारत | 880.52 टन |
| 6 | जापान | 845.97 टन |
| 7 | पोलैंड | 581.64 टन |
| 8 | तुर्किये | 534.85 टन |
| 9 | उज्बेकिस्तान | 415.54 टन |
| 10 | कजाखस्तान | 353.59 टन |
क्यों बढ़ रहा है गोल्ड रिजर्व का महत्व?
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश
- भू-राजनीतिक तनाव
- विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखने की रणनीति
जैसे कारणों से दुनिया के कई देश लगातार सोना खरीद रहे हैं।
भारत में भी बढ़ती महंगाई और बाजार की अस्थिरता के बीच निवेशकों का झुकाव सोने की तरफ लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
