नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि नया पे कमीशन कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा करेगा। खासतौर पर फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, क्योंकि इसी के आधार पर नई बेसिक सैलरी तय की जाएगी।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा फॉर्मूला है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय वेतन आयोग कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन को बढ़ाने के लिए करता है। आसान भाषा में समझें तो मौजूदा बेसिक पे को फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है।
उदाहरण के तौर पर, 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके बाद कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी।
8वें वेतन आयोग में कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर?
फिलहाल सरकार की ओर से 8वें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नया फिटमेंट फैक्टर 2.28 से लेकर 3.83 तक हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
उच्च फिटमेंट फैक्टर का सीधा फायदा कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा। इसी वजह से लाखों सरकारी कर्मचारी नए वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं।
जनवरी 2026 से लागू हो सकता है नया पे कमीशन
जानकारी के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। ऐसे में यदि आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को बकाया राशि एरियर के रूप में दी जा सकती है।
इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA) फिर से शून्य हो जाएगा और नई बेसिक सैलरी के आधार पर दोबारा गणना शुरू होगी। वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए मिल रहा है। हाल ही में सरकार ने डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी की है।
5वें वेतन आयोग तक नहीं था फिटमेंट फैक्टर
दिलचस्प बात यह है कि 5वें वेतन आयोग तक फिटमेंट फैक्टर की व्यवस्था लागू नहीं थी। उस समय वेतन संरचना तय करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था। बाद में सैलरी रिवीजन को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए फिटमेंट फैक्टर का उपयोग शुरू किया गया।
1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा फायदा
8वें वेतन आयोग की मांग लंबे समय से की जा रही थी। सरकार ने पिछले साल नवंबर में आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सिफारिशें देने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है।
बताया जा रहा है कि आयोग अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और विभागों से सुझाव भी ले रहा है। नए वेतन आयोग का लाभ करीब 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकता है।
भारत में कब शुरू हुआ था पे कमीशन?
भारत में पहला वेतन आयोग साल 1946 में बनाया गया था। इसके बाद लगभग हर 10 साल में नया वेतन आयोग गठित किया जाता रहा है, ताकि कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को समय के अनुसार संशोधित किया जा सके।
