नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्साह लगातार बढ़ रहा है। इस समय सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर हो रही है, क्योंकि यही वह फॉर्मूला है जो कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय करता है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर को 3.8 से 3.833 तक रखा जाए। यदि ऐसा होता है, तो न्यूनतम बेसिक वेतन ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹68,000 से ₹69,000 तक पहुंच सकता है।
हालांकि अभी सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन संभावित वेतन वृद्धि को लेकर कर्मचारियों में काफी उत्सुकता बनी हुई है।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर एक प्रकार का मल्टीप्लायर होता है, जिसका इस्तेमाल पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदलने के लिए किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी को फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके नई बेसिक पे तय की जाती है।
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया था। इसी के आधार पर कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर लगभग ₹18,000 हो गई थी।
गणना इस प्रकार थी:
7000 \times 2.57 = 17990
इसके बाद राशि को राउंड ऑफ करके ₹18,000 तय किया गया था।
8वें वेतन आयोग में कितना बढ़ सकता है वेतन?
इस बार कई कर्मचारी यूनियन और संगठन फिटमेंट फैक्टर को 3.8 या 3.833 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार इन प्रस्तावों को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
अगर फिटमेंट फैक्टर 3.8 लागू होता है, तो गणना कुछ इस प्रकार होगी:
18000 \times 3.8 = 68400
इस स्थिति में न्यूनतम बेसिक सैलरी लगभग ₹68,400 तक पहुंच सकती है।
वहीं यदि फिटमेंट फैक्टर 3.833 तय किया जाता है, तो कैलकुलेशन होगी:
18000 \times 3.833 = 68994
यानि कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी लगभग ₹69,000 तक पहुंच सकती है।
अब तक कितने वेतन आयोग लागू हो चुके हैं?
भारत में अब तक 7 वेतन आयोग लागू किए जा चुके हैं। पहला वेतन आयोग साल 1946 में गठित हुआ था। इसके बाद लगभग हर 10 साल में नया वेतन आयोग बनाया जाता रहा है। 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था, लेकिन इसकी अंतिम सिफारिशें अभी आना बाकी हैं।
यह आयोग कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों से जुड़े बड़े फैसले लेगा, जिसका असर करोड़ों परिवारों पर पड़ेगा।
किन संगठनों ने की ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग?
कई कर्मचारी संगठन जैसे NCJCM, AIDEF और महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने 3.8 से 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए कर्मचारियों के वेतन में बड़ा सुधार जरूरी है।
सरकार ने अभी नहीं लिया अंतिम फैसला
यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अभी तक सामने आए आंकड़े केवल कर्मचारी संगठनों के प्रस्ताव और संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
1.1 करोड़ लोगों पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग का सीधा फायदा करीब 1.1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकता है। यदि इस बार बड़ा फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, बाजार में खर्च बढ़ेगा और इसका सकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।
इसी वजह से 8वें वेतन आयोग और फिटमेंट फैक्टर को लेकर पूरे देश में चर्चा तेज हो गई है।
