अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उथल-पुथल का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने निवेशकों की रणनीति बदल दी है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।
जहां एक तरफ सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर चांदी के दामों में मजबूती देखने को मिली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता फिलहाल कीमती धातुओं की दिशा तय कर रही है।
सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट
दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में भारी कमजोरी देखने को मिली। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में ₹2,800 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई।
इस गिरावट के बाद राजधानी में 10 ग्राम सोने का भाव घटकर ₹1,62,400 पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में यही कीमत ₹1,65,200 प्रति 10 ग्राम थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में बढ़ती अस्थिरता और निवेशकों के बदलते रुख के कारण घरेलू बाजार में सोने पर दबाव बढ़ा है।
चांदी के दामों में तेजी
सोने की तुलना में चांदी के बाजार में मजबूती दिखाई दी। मंगलवार को चांदी की कीमत में ₹2,000 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसके बाद चांदी का नया भाव ₹2,73,000 प्रति किलोग्राम पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹2,71,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।
विश्लेषकों का मानना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक कमोडिटी बाजार में तेजी के कारण चांदी को समर्थन मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?
विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
- यूएस कॉमेक्स पर सोना लगभग 4,508 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
- वहीं चांदी करीब 77 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड करती रही।
ग्लोबल निवेशक फिलहाल अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की बेचैनी
बाजार की मौजूदा हलचल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा अमेरिकी ड्रोन गिराने के दावे ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
हालांकि अमेरिका ने इन हमलों को “रक्षात्मक कार्रवाई” बताया है, लेकिन निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।
डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव
वैश्विक तनाव के दौरान निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इस बार बड़ी संख्या में निवेशकों ने अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित विकल्प माना, जिससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ।
डॉलर मजबूत होने का सीधा असर सोने की कीमतों पर पड़ा और गोल्ड सस्ता हो गया।
इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
महंगाई और ब्याज दरों पर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे दुनियाभर में महंगाई का दबाव फिर तेज हो सकता है।
ऐसी स्थिति में दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकते हैं। यही वजह है कि फिलहाल कमोडिटी बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक:
- शॉर्ट टर्म में सोने में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
- डॉलर की चाल और वैश्विक तनाव बाजार की दिशा तय करेंगे
- चांदी को इंडस्ट्रियल डिमांड से सपोर्ट मिल सकता है
- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट खरीदारी का मौका बन सकती है
Disclaimer
यह लेख बाजार रिपोर्ट्स और सार्वजनिक आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। सोना और चांदी की कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या स्थानीय ज्वेलर से सलाह जरूर लें।
