दुनियाभर में जहां कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, वहीं पाकिस्तान सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि यह कटौती ईद-उल-अजहा से पहले लोगों को राहत देने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और आने वाले समय में ईंधन की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।
पाकिस्तान में डीजल करीब 7 रुपये सस्ता
Pakistan Ministry of Energy की ओर से जारी नई अधिसूचना के मुताबिक, हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत में 6.80 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। वहीं पेट्रोल के दाम भी 6 रुपये प्रति लीटर कम किए गए हैं।
नई कीमतों के बाद:
- डीजल का रेट घटकर 402.78 रुपये प्रति लीटर
- पेट्रोल का भाव 403.78 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
सरकार ने नई दरों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। बढ़ती महंगाई के बीच इसे आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
ईंधन सस्ता होने से महंगाई पर भी असर
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी का असर सीधे महंगाई पर भी पड़ सकता है। दरअसल, परिवहन लागत कम होने से सब्जियां, फल, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर दबाव घटता है।
ईद-उल-अजहा के दौरान पाकिस्तान में ईंधन की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार का यह फैसला त्योहार से पहले उपभोक्ताओं को राहत देने वाला माना जा रहा है।
हालांकि कीमतों में कटौती के बावजूद पाकिस्तान में ईंधन अभी भी काफी महंगा बना हुआ है।
ईरान-अमेरिका तनाव के बाद 55% तक बढ़ गए थे दाम
हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ देखने को मिला। पाकिस्तान उन देशों में शामिल रहा जहां पेट्रोलियम संकट का सबसे ज्यादा असर पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार:
- युद्ध से पहले पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत लगभग 271.29 पाकिस्तानी रुपये थी
- बाद में यह बढ़कर करीब 422.30 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गई
यानी ईंधन की कीमतों में लगभग 55 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
भारत पर कम पड़ा वैश्विक तेल संकट का असर
वैश्विक तेल संकट के दौरान भारत पर इसका असर अपेक्षाकृत कम देखने को मिला। आंकड़ों के मुताबिक:
- भारत में पेट्रोल की कीमत पहले करीब 101.27 रुपये प्रति लीटर थी
- बाद में यह बढ़कर लगभग 105.13 रुपये तक पहुंची
यानी भारत में कीमतों में करीब 4.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कई अन्य देशों की तुलना में काफी कम रही।
आगे फिर बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल पाकिस्तान सरकार ने त्योहार को देखते हुए राहत दी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और जियोपॉलिटिकल तनाव को देखते हुए आने वाले समय में फिर से पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई, डॉलर इंडेक्स और पश्चिम एशिया की स्थिति आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
