एक शोध में पता चला है कि बच्चों को डांटने और मारने से उनमे जरा भी सुधार नहीं होता, बल्कि वह और भी जिद्दी और गुस्सैल हो जाते है। इससे बच्चे कम उम्र में ही डिप्रेशन में चले जाते है इसके साथ ही वह नेगेटिविटी के भी शिकार हो जाते है और वह गलत कदम उठा लेते है इस तरह से अगर आप भी यदि सोच रहे है तो अपने बच्चे की बदतमीजी को मारपीट कर या डांट-डपट कर ठीक कर सकते हैं,तो आपकी सोच बीहड़ गलत है ऐसे में आप आपको बता रहे है कि आप किस तरह से जिद्दी बच्चों में सुधार कर सकते है। हर एक पेरेंट्स चाहता है कि उनका बच्चा काबिल बने और ऐसे में आपको इन खास बातों का खेल रखने की जरूरत है।
बदतमीज और जिद्दी बच्चों की आदतों में इस तरह लाएं सुधार
बच्चों के लिए समय निकाले
अगर पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए समय नहीं निकाल पाते है और उनकी परेशानियां नहीं सुनते है तो ऐसे बच्चे अपने माता पिता या अन्य लोगो के साथ में बदतमीजी का व्यवहार करने लगते है इसलिए हर एक पेरेंट्स को अपने बच्चों के लिए समय अवश्य निकलना चाहिए।
अच्छी आदतों की करें तारीफ
बच्चों की आदतों को सुधारना है तो उनकी अच्छी आदतों को रीकॉल करें और उसकी तारीफ करें,बेहतर होगा कि आप तारीफ लोगों के सामने भी करें. इस तरह उसे अच्छा काम करने के लिए मोटिवेशन मिलेगा और वह बुरी आदतों को खुद छोड़ने लगेगा।
उन्हें गाइड करें
बच्चों को सही समय देखकर यह जरूर बताए कि उनके लिए क्या सही और क्या गलत है। इस तरह वे सही दिशा का चुन पाएंगे और हौसले के साथ उस दिशा में आगे कदम बढ़ा पाएंगे।
क्रिएटिव बनाएं
अगर बच्चे को खाली रखने की बजाय अगर क्रिएटिव काम को करने में लगा लिया जाए तो वे कुछ नया करने के लिए अफर्ट करेंगे. इससे उनका दिमाग पॉजिटिव रहेगा और वे अच्छा व्यवहार करेंगे।