UPI Payment Scam: डिजिटल इंडिया की सफलता के साथ-साथ साइबर ठगों की चालाकी भी तेजी से बढ़ रही है। अब इन स्कैमर्स की नजर UPI पेमेंट सिस्टम पर है। बाजार में आजकल कई फेक पेमेंट ऐप्स सक्रिय हो गए हैं जो दिखने में बिल्कुल GPay, PhonePe और Paytm जैसे असली ऐप्स जैसे नजर आते हैं। इनका यूजर इंटरफेस, कलर स्कीम और डिजाइन भी हूबहू असली ऐप जैसा होता है, जिससे कोई भी आसानी से भ्रमित हो सकता है।
कैसे करते हैं ठग फर्जी पेमेंट स्कैम ?
ठग इन नकली ऐप्स की मदद से असली पेमेंट की नकल करने वाला एक इफेक्ट तैयार करते हैं।
- जब वे पेमेंट का नाटक करते हैं, तो ऐप से एक बीप या चाइम की आवाज आती है
- एक नोटिफिकेशन भी फ्लैश होता है जिसमें लिखा होता है – “पेमेंट सक्सेसफुल”
- लेकिन असल में बैंक या असली ऐप से कोई ट्रांजेक्शन हुआ ही नहीं होता
फेक पेमेंट ऐप से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
अगर आप भी रोजमर्रा के कामों में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी ताकि आप ठगी का शिकार न बनें।
✅ 1. ट्रांजेक्शन हिस्ट्री जरूर चेक करें
कोई भी पेमेंट होने के बाद सिर्फ स्क्रीनशॉट या नोटिफिकेशन देखकर भरोसा न करें।
- अपने असली ऐप या बैंक अकाउंट में जाकर ट्रांजेक्शन वेरिफाई करें
- ट्रांजेक्शन आईडी को भी मिलान करना बेहद जरूरी है
✅ 2. नोटिफिकेशन से न करें भरोसा
फेक ऐप्स में नोटिफिकेशन बिल्कुल असली ऐप की तरह दिखता है।
- लेकिन उसमें टाइमिंग, रकम या ट्रांजेक्शन आईडी में अंतर हो सकता है
- सतर्क होकर ट्रांजेक्शन डिटेल्स का मिलान करें
✅ 3. जल्दीबाजी करने वालों से रहें सावधान
जो व्यक्ति पेमेंट करने के बाद आप पर तुरंत सामान देने का दबाव बनाएं, उससे सतर्क रहें।
- फेक ऐप यूज़ करने वाले लोग जल्दी-जल्दी ट्रांजेक्शन पूरा करने की बात करेंगे
- यह एक सामान्य ट्रिक है ताकि आप वेरिफाई न कर पाएं
✅ 4. अनजान ऐप को पहचानें
अगर कोई व्यक्ति GPay, PhonePe या Paytm के अलावा किसी अनजान ऐप से पेमेंट करने की बात करता है तो पहले जांच लें।
- ऐसे ऐप्स के नाम बदलकर रखे जाते हैं, जैसे ‘Phone Pay’ या ‘Paytm India’
- सही ऐप्स को Google Play Store या Apple Store से ही इंस्टॉल करें
व्यापारियों को बरतनी होगी विशेष सावधानी
दुकानदार, खासकर किराना स्टोर, पेट्रोल पंप, और कैश काउंटर वाले बिजनेस, इस स्कैम के सबसे बड़े शिकार बनते हैं। भीड़-भाड़ और व्यस्त समय में, ठग इन नकली ऐप्स का फायदा उठाते हैं।
⚠️ अपने स्टाफ को ट्रेनिंग दें
- सभी कर्मचारियों को इस स्कैम के बारे में जागरूक करें
- उन्हें सिखाएं कि असली ट्रांजेक्शन की पुष्टि कैसे करें
⚠️ पेमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाएं
- सामान देने से पहले पेमेंट की पुष्टि करें
- Paytm और PhonePe जैसे ऐप्स अब स्मार्ट स्पीकर देते हैं जो ट्रांजेक्शन की वॉयस से पुष्टि करते हैं
- ट्रांजेक्शन आईडी की जांच करें और ऐप या बैंक स्टेटमेंट से मिलाएं
⚠️ संदिग्ध मामलों की तुरंत रिपोर्ट करें
- अगर आपको किसी फर्जी ऐप पर संदेह हो, तो तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं
- अपने बैंक या पेमेंट प्रोसेसर को भी सूचित करें
फेक ऐप्स की पहचान कैसे करें ?
कई बार ये नकली ऐप्स प्ले स्टोर पर भी नजर आ जाते हैं, इसलिए इंस्टॉल करने से पहले नीचे दी गई बातों पर ध्यान दें
- ऐप का डेवलपर नेम देखें: असली ऐप हमेशा बड़े नामों जैसे Google, One97, PhonePe Pvt. Ltd. से होते हैं
- रेटिंग और रिव्यू चेक करें: कम रेटिंग या अजीब भाषा में रिव्यू होने पर सतर्क हो जाएं
- ऐप के लोगो और इंटरफेस में फर्क देखें: कभी-कभी नाम में स्पेलिंग मिस्टेक होती है
ग्राहक और व्यापारी दोनों की जिम्मेदारी
UPI ने जीवन को आसान जरूर बनाया है लेकिन इसके साथ ही जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। एक छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है।
- ग्राहक को चाहिए कि वे अपना पेमेंट करने से पहले केवल असली और सुरक्षित ऐप्स का ही प्रयोग करें
- दुकानदार को चाहिए कि वे हर ट्रांजेक्शन को जांचने के बाद ही सामान सौंपें
डिजिटल पेमेंट के इस दौर में सतर्कता ही सुरक्षा है
जहां एक ओर डिजिटल ट्रांजेक्शन से जीवन सरल हो गया है, वहीं दूसरी ओर फेक ऐप्स और स्कैमर्स ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। नकली UPI ऐप्स असली दिखते हैं लेकिन आपके पैसों की चोरी कर सकते हैं।