Gold Rate : सोने की कीमतों पर नजर डालें तो इस साल के शुरू से ही रॉकेट की स्पीड से दौड़ रही हैं, जहां जनवरी 2025 में सोना 76 हजार रुपये तोले था वह अब महंगा होकर 1 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तार पर पहुंच चुका है। इस समय खरीदारों और निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आने वाले दिनों में सोना महंगा होगा या सस्ता। इसपर एक्सपर्ट्स ने अपनी रिपोर्ट पेश की है आईये नीचे खबर में जानते हैं –
साल 2025 के पहले चार महीनों में तेज रफ्तार से दौड़ रहे सोने के भाव ने हर किसी को चौंका दिया है। इस साल के इन चार महीनों में जो सोने में उछाल देखने को मिला है वह पिछले 10 साल में भी नहीं देखने को मिला। इस साल में अब तक सोना 25 प्रतिशत का रिटर्न दे चुका है।
अगर सोने की कीमतों (Gold Rate) में बढ़ौतरी होती है तो निवेशकों को फायदा मिलता है वहीं यदि सोने की कीमत गिरती है तो वो निवेशकों को लिए खरीदने का मौका है। सोने की कीमत (Sone Ka Bhav) को लेकर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने टारगेट दिया है। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि सोने के भाव में गिरावट आती है तो वह मौका होगा। इस बार सस्ता होता है तो आपको सिर्प सोना खरीदना है। अगर निवेश करके बैठे हैं तो घबराकर बेचने की जरूरत नहीं है।
लंबे समय के लिए निवेश करने वालों को एक्सपर्ट की राय –
सोने पर मोतीलाल ओसवाल ने बाय ऑन डिप्स का व्यू कायम रखने को कहा है। इसके साथ ही निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए एक टारगेट दिया है। उन्होंने बताया कि सोना 1 लाख 6 हजार रुपए के स्तर तक जा सकता है।
लेकिन निवेशकों को खरीदते समय इसका सपोर्ट जोन (Gold support zone) जरूर देखना है। इसका सपोर्ट 90,000-91,000 रुपए के बीच में है। इसका रेजिस्टेंस 99,000 रुपए है. सपोर्ट जोन का मतलब यह है कि उस भाव पर डिमांड आएगी और रेजिस्टेंस का मतलब है कि उस स्तर से ऊपर जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
सबसे ज्यादा महंगा कब हुआ सोना –
पिलछे एक दश्क पर नजर डालें तो सोने में साल 2025 में सबसे ज्यादा बढ़ौतरी दर्ज की गई है। सोने व चांदी (Gold Silver Rate) ने इस साल में निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया है। 2025 की पहली तिमाही में सोने में लगभग 18 प्रतिशत तक का उछाल आया और रैली इस फाइनेंशियल ईयर में भी जारी रही और सोने का भाव 1 लाख रुपए अपनी ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।
इस वजह से महंगा हुआ सोना?
एक रिपोर्ट के अनुसार मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से, मांग और आपूर्ति के कारकों ने सीधे तौर पर सोने की कीमतों (Gold Price) पर कोई प्रभाव नहीं डाला है। खासकर ऐसे समय में जब मार्केट में अनिश्चितताएं का माहौल है।
अमेरिका, चीन, जापान आदि कई देशों के बीच चल रही ट्रेड वॉर की वजह से पिछले एक महीने में सोने (Gold rate hike) में शानदार बढ़ौतरी दर्ज की गई है, सोने की कीमत पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू मौजूद हैं। यदि ट्रेड वॉर के बादल छंट जाते हैं तो सर्राफा बाजार पर इसका असर दिखेगा। सोने की कीमतें स्थिर हो सकती है या गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
