Today Gold Price : सोने के दामों में तेजी पर ब्रेक लगने वाला है। इसको लेकर रिपार्ट आ गई है। सोने के दाम लगातार बढ़ौतरी के बाद लंबी गिरावट के दौर से गुजरने वाले हैं। इस को लेकर रिपोर्ट भी सामने आ गई है। आइए जानते हैं आगे सोने के दाम कितने रहने वाले हैं और दिसंबर 2026 तक सोना किस स्तर पर पहुंच जाएगा।
सोने के दामों में इस साल बेहिसाब बढ़ौतरी हुई है। सोने के दाम लगातार भाग रहे थे, जिनपर ब्रेक लग जाएगा है। सोने के दामों में तगड़ी गिरावट आ जाएगी।
हालांकि सोना इस साल एमसीएक्स पर एक लाख के बहुत करीब जाकर लौटा है, लेकिन सोने के दामों में बढ़ौतरी के सिलसिले पर अचानक ब्रेक लगकर यह उल्टे पैर लौट आएगा।
क्यों सोने के दाम बढ़े
इस साल सोने के दाम बढ़ने का सबसे बड़ा रीजन इंटरनेशनल मार्केट में अनिश्चितता है। देश-विदेश में सोने (Gold Rate) की स्थिति मजबूत है। वहीं, अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और सोने की मजबूती और बढ़ी है।
दूसरी ओर ट्रंप के टैरिफ वॉर के चलते बाजार में अनिश्चितता बरकरार है, जिस कारण सोने के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं, सोने की मांग बढ़ रही है। निवेशकों ने सोने को काफी सुरक्षित माना है।
कितने चल रहे हैं सोने के दाम
4 जून को सर्राफा बाजार में सोन-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate )में जोरदार उछाल आया है। आज 4 जून का मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange) 5 जून की एक्सपायरी वाला सोने के भााव 96811 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि बीते दिन इसके भाव 96525 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए थे। आज 4 जून को सोना 228 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा होकर 96753 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है।
इस साल ये बनाया सोने ने रिकॉर्ड
2025 में सोने के दामों (Gold Rate) ने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए हैं। 22 अप्रैल को सराफा बाजार में सोने की कीमत जीएसटी समेत एक लाख को पार कर गई थी। यह सोने के लिए ऐतिहासिक दिन था वही इसी दिन एमसीएक्स पर भी सोना 99358 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। इसके बाद सोने के दामों में काफी गिरावट देखने को मिली है।
इस साल के अंत तक ही गिर जाएंगे दाम
एक्सपर्ट जॉन मिल्स का सोने के दामों (Gold Rate) को लेकर अनुमान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि बाजारों में आगे सोने की मांग घटेगी। अंतरराष्ट्रीय हालात साामन्य होंगे और लोग बाजार की ओर लौटेंगे, इसलिए वह सोना बेचेंगे तो सोने की आपूर्ति ज्यादा और मांग कम होगी।
इसी प्रकार सेंट्रल बैंकों की ओर से भी सोने की खरीदारी कम कर सोने के स्टॉक भी कम किए जाएंगे सा स्थिर रखे जाएंगे। जिससे बाजार में सोने की अधिकता से सोने की कीमतों पर असर पड़ेगा। जॉन मिल्स के अनुसार इस साल के अंत तक स्थितियां सामान्य होने पर सोना 1800 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।
ऐसे में सोने की कीमत (Gold Rate) भारतीय हिसाब से 56 हजार रुपये तौला के आसपास होगा। ऐसे में सोने में 40 प्रतिशत के करीब की गिरावट आ सकती हैं।
अगले साल बढ़ौतरी के बाद स्थिर हो सकते हैं दाम
साल 2025 के अंत तक तो सोने की कीमत 56000 प्रति 10 ग्राम आ सकती है। जबकि दिसंबर 2026 तक सोने के दाम इससे कुछ ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। हालांकि तेजी ज्यादा नहीं आएगी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 के अंत तक सोने के दाम 67000 से 70000 के बीच देखने को मिल सकते हैं। यह तब ही हो सकता है जब साल 2025 के अंत तक सोना 56000 पर आ जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो सोने के दामों में गिरावट लंबी अवधि में इतनी आना मुश्किल है। यह सब वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
अगर स्थिति विपरित होती है तो गोल्डमैन का अनुमान सही हो सकता है और साल 2025 के अंत तक सोना 138000 पर भी पहुंच सकता है।