New Green Highway: कानपुर से कबरई तक बनने वाला ग्रीन हाईवे अब मंजूरी के अंतिम चरण में पहुंच चुका है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली गई है और इसे मंजूरी तथा बजट के लिए भेजा गया है. 25 जून 2025 तक इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
ग्रीन हाईवे को लेकर हुई समीक्षा बैठक और स्थल निरीक्षण
हाल ही में सड़क परिवहन मंत्रालय के प्रशासनिक सदस्य आईएएस विशाल चौहान ने झांसी दौरे के दौरान स्थलीय निरीक्षण और समीक्षा बैठक कर इस परियोजना की प्रगति को परखा. अधिकारियों की ओर से हाईवे की विस्तृत रिपोर्ट केंद्र को भेज दी गई है. अब इस पर स्वीकृति और बजट आवंटन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.
मार्च में मिल चुकी है एनपीजी से स्वीकृति
मार्च 2025 में एनपीजी (नेशनल प्लानिंग ग्रुप) की बैठक में कानपुर-कबरई फोरलेन ग्रीन हाईवे को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई थी. इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 112 किलोमीटर प्रस्तावित है और इसमें करीब 3700 करोड़ रुपये का बजट खर्च आने का अनुमान है.
किन जिलों से होकर गुजरेगा हाईवे?
यह ग्रीन हाईवे कानपुर नगर, फतेहपुर, हमीरपुर और महोबा जिलों के 96 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा. इससे न केवल इन ग्रामीण इलाकों का सड़क संपर्क बेहतर होगा. बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
ग्रीन हाईवे क्यों है खास?
ग्रीन हाईवे ऐसे नए रूट होते हैं जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बायपास कर ग्रामीण इलाकों को जोड़ते हैं. इसका मकसद है नए क्षेत्रों का विकास, यातायात दबाव में कमी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील निर्माण. कानपुर-कबरई हाईवे को भी इसी तर्ज पर तैयार किया जा रहा है.
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की तरह होगा निर्माण
इस हाईवे का निर्माण कार्य बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की तर्ज पर किया जाएगा. जिसमें फोरलेन रोड, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे. इस हाईवे के बनने से कानपुर-सागर नेशनल हाईवे पर वाहनों का दबाव भी कम होगा.
कब तक मिल सकती है अंतिम मंजूरी?
एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार “मंत्रालय के प्रशासनिक सदस्य द्वारा की गई समीक्षा बैठक के बाद 25 जून तक डीपीआर की स्वीकृति और बजट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है. इसके बाद निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकेगी.”
आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
यह ग्रीन हाईवे जहां एक तरफ लॉजिस्टिक सपोर्ट और यातायात की सुविधा बढ़ाएगा. वहीं दूसरी ओर यह गांवों को मुख्यधारा से जोड़कर सामाजिक और आर्थिक विकास को भी रफ्तार देगा. प्रोजेक्ट के तहत नए रोजगार भी सृजित होंगे.
