Bijli Rate Hike: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही बड़ी खबर आ सकती है. विद्युत नियामक आयोग के पास दाखिल नए प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण इलाकों में बिजली की दरें 8 रुपये प्रति यूनिट और शहरी इलाकों में 9 रुपये प्रति यूनिट तक हो सकती हैं. इतना ही नहीं फिक्स चार्ज भी लगभग दोगुना किए जाने की सिफारिश की गई है. जिससे बिजली का मासिक बिल काफी बढ़ सकता है.
बिजली निगम ने दिखाई 19,644 करोड़ की घाटे की रिपोर्ट
पावर कारपोरेशन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जो प्रस्ताव पेश किया है. उसमें बताया गया है कि मौजूदा दरों पर काम करने से कंपनी को 19,644 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है. इसी आधार पर औसतन 30% की वृद्धि की मांग की गई है.
इस प्रस्ताव को अब उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के समक्ष विचार के लिए रखा गया है. यदि यह पास हो गया तो लाखों उपभोक्ताओं को भारी वित्तीय बोझ झेलना पड़ सकता है.
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्लैब घटा, बढ़ेगी जेब पर मार
अब तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए चार स्लैब तय थे। लेकिन नए प्रस्ताव में उन्हें तीन स्लैब में समेटने की बात कही गई है. इससे विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं को ज्यादा नुकसान होगा जो 150 से 300 यूनिट तक खपत करते हैं। क्योंकि उनकी यूनिट दरों में 35% से अधिक वृद्धि की संभावना है.
उदाहरण के लिए शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को अब:
- पहले 100 यूनिट के लिए ₹5.50 के बजाय ₹6.50
- 101 से 300 यूनिट के लिए ₹5.50-6.00 के बजाय ₹8.00
- 300 यूनिट से अधिक पर ₹6.50 के बजाय ₹9.00 प्रति यूनिट
यानी उपभोक्ताओं को अब ₹12-13 प्रति यूनिट तक बिल चुकाना पड़ सकता है, जब फिक्स चार्ज और टैक्स आदि को भी जोड़ा जाए.
ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी नहीं मिली राहत
ग्रामीण क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रिसिटी रेट में भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित है. अभी जहां ग्रामीण उपभोक्ता 300 यूनिट तक अधिकतम ₹5.50 प्रति यूनिट का भुगतान करते हैं. वहीं नए स्लैब में ₹8.00 प्रति यूनिट देना पड़ सकता है.
- 0-100 यूनिट पर ₹3.35 से बढ़ाकर ₹4.50
- 101-300 यूनिट पर ₹3.85-5.00 से बढ़ाकर ₹7.00
- 300 से ऊपर ₹5.50 के बजाय ₹8.00 प्रति यूनिट
इसके साथ ही फिक्स चार्ज ₹90 से बढ़ाकर ₹150 प्रति किलोवाट तक करने का प्रस्ताव है.
बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी
अब तक गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले (BPL) उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक ₹3.00 प्रति यूनिट दर से बिजली मिल रही थी. लेकिन नए प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर ₹4.00 प्रति यूनिट करने की सिफारिश की गई है. इसके साथ ही फिक्स चार्ज भी ₹50 से बढ़ाकर ₹75 किया जा सकता है.
दुकानों और व्यवसायिक संस्थानों के लिए बढ़ेगा खर्च
व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी दो स्लैब को एकीकृत कर दिया गया है जिससे अब:
- 4 किलोवाट तक के लोड पर यूनिट रेट ₹7.50-8.40 से बढ़ाकर ₹9.50
- 4 किलोवाट से अधिक लोड पर ₹7.50-8.75 से बढ़ाकर ₹10.00 प्रति यूनिट
फिक्स चार्ज भी ₹330-450 से बढ़ाकर ₹450-545 रुपये प्रति किलोवाट कर दिया गया है.
निजी संस्थानों को भी देना होगा ज्यादा शुल्क
निजी शिक्षण संस्थान, अस्पताल और अन्य निजी उपक्रमों को दी जाने वाली बिजली की दर में भी बढ़ोतरी की गई है. जहां पहले यह दर ₹9.00 प्रति यूनिट थी. अब इसे ₹10.00 प्रति यूनिट प्रस्तावित किया गया है. साथ ही फिक्स चार्ज को ₹350 से बढ़ाकर ₹450 प्रति किलोवाट करने का सुझाव दिया गया है.
बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी की सारणी (सारांश)
घरेलू (शहरी)
वर्तमान श्रेणी | वर्तमान दर (₹/यूनिट) | प्रस्तावित श्रेणी | प्रस्तावित दर (₹/यूनिट) |
---|---|---|---|
0-100 यूनिट | ₹5.50 | 0-100 यूनिट | ₹6.50 |
101-150 यूनिट | ₹5.50 | 101-300 यूनिट | ₹8.00 |
151-300 यूनिट | ₹6.00 | 300+ यूनिट | ₹9.00 |
300+ यूनिट | ₹6.50 | — | — |
घरेलू (ग्रामीण)
वर्तमान श्रेणी | वर्तमान दर (₹/यूनिट) | प्रस्तावित श्रेणी | प्रस्तावित दर (₹/यूनिट) |
---|---|---|---|
0-100 यूनिट | ₹3.35 | 0-100 यूनिट | ₹4.50 |
101-150 यूनिट | ₹3.85 | 101-300 यूनिट | ₹7.00 |
151-300 यूनिट | ₹5.00 | 300+ यूनिट | ₹8.00 |
300+ यूनिट | ₹5.50 | — | — |
क्या कहता है अगला कदम?
अब यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के पास विचाराधीन है. यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो ये नई दरें जल्द ही लागू हो सकती हैं. इससे पहले जनसुनवाई और सुझाव प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी. जिसमें उपभोक्ता अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं.