सोयाबीन की ये वैरायटी सबसे ज्यादा पैदावार देने वाली किस्म है इसकी खेती में कीट रोग लगने का खतरा ज्यादा नहीं होता है क्योकि ये किस्म कई रोगों के प्रतिरोधी होती है जिससे कीटनाशक का खर्चा कम होता है।
अगस्त में करें सोयाबीन की ये वैरायटी की खेती
सोयाबीन की खेती किसानों के लिए बहुत तगड़ा प्रॉफिट कमाने का एक अच्छा जरिया है। लेकिन इसकी खेती में अच्छी पैदावार के लिए उन्नत और अच्छी गुणवत्ता वाली वैरायटी का चयन करना सबसे जरुरी काम होता है क्योकि अच्छी वैरायटी न सिर्फ अच्छी पैदावार देती है बल्कि बिमारियों और कीटों के प्रतिरोधी होती है। आज हम आपको सोयाबीन की एक ऐसी वैरायटी के बारे में बता रहे है जो जीवाणुजनित फुंसियों और YMV के प्रति प्रतिरोधी होती है और राइजोक्टोनिया के प्रति सहनशील है। ये किस्म सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है। हम बात कर रहे है सोयाबीन की PK 472 वैरायटी की खेती की ये एक लोकप्रिय किस्म है जो मध्य, पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में अच्छी पैदावार देती है। तो आइये इसकी खेती के बारे में समझते है।

सोयाबीन की PK 472 वैरायटी की खेती
सोयाबीन की PK 472 वैरायटी की खेती के लिए अच्छी जल धारण क्षमता वाली बलुई दोमट मिट्टी सर्वोत्तम मानी जाती है। मिट्टी का pH स्तर 6.5-7.0 के बीच होना चाहिए। इसकी बुआई से पहले खेत की अच्छी गहरी 3 से 4 बार जुताई करनी चाहिए और मिट्टी में वर्मीकम्पोस्ट डालनी चाहिए बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर 30-32 किलोग्राम बीजों का उपयोग करना चाहिए। इसके बीज आपको बाजार में बीज भंडार की दुकान में आसानी से मिल जायेंगे। खरीफ मौसम में इसकी फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती है। बुआई के बाद सोयाबीन की PK 472 वैरायटी की फसल करीब 90 से 100 दिनों में पककर तैयार हो जाती है।
कितनी हो सकती है उपज
सोयाबीन की PK 472 वैरायटी की खेती करने से बहुत ज्यादा जबरदस्त उत्पादन देखने को मिलता है एक हेक्टेयर में सोयाबीन की PK 472 वैरायटी की खेती करने से करीब 30-35 क्विंटल तक की पैदावार होती है इसका उपयोग कई चीजों को बनाने में होता है आप इसकी खेती से लाखों रूपए का मुनाफा कमा सकते है। किसानों के लिए सोयाबीन की PK 472 वैरायटी की खेती बहुत लाभदायक साबित होती है।