8th pay commission Update : केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए अब जल्द ही 8वें वेतन आयोग को लागू करने वाली है। लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई रिपोर्ट पेश नहीं की गई है। हाल ही में 8वें वेतन आयोग (8th pay commission News) को लेकर एक बड़ा अपडेट आ रहा है। 8वां वेतन आयोग लागू होने में समय लग सकता है। इसकी तीन वजहों के बारे में हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
केंद्र सरकार कर्मचारियों को वेतन देने के लिए वेतन आयोग (Pay Commission) के तहत सैलरी देती है। केंद्र सरकार द्वारा हर दस साल में नए वेतन आयोग का गठन किया जाता है।
फिलहाल सरकार 7वें वेतन आयोग के तरह कर्मचारियों को सैलरी दे रही है। केंद्र सरकार ने 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) को 2016 में लागू किया था। ऐसे में अब इस वेतन आयोग को लागू हुए पूरे 10 साल होने वाला है। खबर में जानिये 8वां वेतन आयोग कब से लागू होने वाला है।
इस वजह से वेतन आयोग में होगी देरी
सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार लगातार लंबा होता दिख रहा है। लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संभावना थी कि सरकार जल्दी ही इसके गठन और सिफारिशों को लेकर घोषणा करने वाली है।
हालांकि यह प्रक्रिया अब तक अटकती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, आयोग (Pay Commision) की घोषणा में तीन प्रमुख वजहें हैं, जिनकी वजह से सारा मामला खिंचता चला जा रहा है।
8वें वेतन आयोग का ToR लागू
वेतन आयोग (Pay revision) बनाने का मतलब सिर्फ एक घोषणा करना नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना है। आयोग के लिए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जाने वाली है।
इसके साथ ही आयोग के कामकाज को तय करने के लिए “Term of Reference (ToR for 8th Pay Commission)” यानी कार्य-परिधि तैयार करना पड़ता है। सरकार अभी तक ToR को अंतिम रूप नहीं दे पाई है, इसकी वजह से आयोग की आधिकारिक शुरुआत अटकी हुई है।
बजट पर बढ़ेगा बोझ
किसी भी वेतन आयोग की सिफारिशें सरकार की आर्थिक नीति और राजकोषीय संतुलन पर प्रभाव डालती हैं। 7वें वेतन आयोग (Salary in 7th Pay Commission) के लागू हो जाने के बाद सरकारी खजाने पर हज़ारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था।
अब जब देश की अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर चुनौतियों से जूझ रही है, सरकार फिलहाल कोई ऐसा बड़ा कदम उठाने से बच रही है, इसकी वजह से वित्तीय स्थिति पर और दबाव आने वाला है। यही वजह है कि 8वें वेतन आयोग (Salary in 8th Pay Commission) की दिशा में ठोस बजटीय प्रावधान अभी नहीं किए गए हैं।
नया सैलरी स्ट्रक्चर अभी नहीं हुआ पूरी तरह से तैयार
आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है कि मौजूदा वेतन संरचना (Pay revision) का अध्ययन करके नया स्ट्रक्चर तैयार किया जाता। इसमें बेसिक पे, ग्रेड पे, भत्ते और पेंशन सिस्टम तक में बदलाव करना पड़ता है। सरकार ने कर्मचारियों और यूनियनों से इनपुट लेने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है।
हालांकि यह अभी शुरुआती दौर में है। अलग-अलग वर्गों, विभागों (Pay revision) और हितधारकों की मांगों को ध्यान में रखकर एक ऐसा मॉडल तैयार करना जो व्यवहारिक भी हो और राजकोष पर ज़्यादा बोझ भी न डाले, आसान काम नहीं है।
वेतन आयोग के लागू होने में हो सकती है देरी
जैसे- जैसे साल 2025 समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, वहीं कर्मचारियों का धैर्य लगातार टूटता नजरी आ रहा है। उन्हें भरोसा था कि यह आयोग समय रहते बन जाएगा और 2026 तक उनकी सैलरी स्ट्रक्चर (Salary Structure) में बदलाव लागू कर दिया जाएगा। हालांकि मौजूदा हालात को देखकर लगता है कि यह प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है।