एक नया और सख्त आदेश आया है! अब कक्षा 1 में बच्चों को समय से पहले दाखिला देने वाले स्कूलों पर गाज गिरने वाली है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से हड़कंप मच गया है। जो स्कूल नियमों की अनदेखी करेंगे, उनकी मान्यता हमेशा के लिए रद्द हो सकती है। क्या ये आदेश सभी स्कूलों में लागू होगा? क्या अब हर बच्चे को सही उम्र में ही एडमिशन मिलेगा?
सरकार ने स्कूल एडमिशन को लेकर कुछ नियम बताएं है, जिसके तहत कक्षा 1 में एडमिशन लेने के लिए बच्चे की न्यूनतम उम्र 6 साल होनी चाहिए. यह नियम शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और उत्तराखंड के नियमों के तहत बनाया गया है. जो बच्चे 1 जुलाई से पहले 6 साल के पूरे चुके है, सिर्फ उन्हें ही कक्षा 1 में एडमिशन मिलेगा.
School Admission Rule
सरकार ने साफ -साफ कहा है कि प्री-स्कूल की बाकी क्लास जैसे – नर्सरी, एलकेजी, और यूके के लिए भी उम्र सीमा तय की गई है. नियमों के अनुसार, नर्सरी में एडमिशन लेने के लिए बच्चे की उम्र 3 साल, एलकेजी के लिए 4 साल और यूकेजी के लिए 5 साल पूरी होनी चाहिए.
इन स्कूलों की मान्यता होगी रद्द
सरकार के नए नियमों का उद्देश्य है कि पढ़ाई करने के लिए बच्चे का मानसिक विकास होने के साथ -साथ उसकी सही उम्र भी होना जरूरी है. जो बच्चे समय से पहले स्कूल जाते है उन पर पढ़ाई का बोझ बढ़ जाता है, जिस वजह से उनका मानसिक विकास सही से नही हो पाता है. इसी को ध्यान में रखते है सरकार ने क्लास 1 के लिए कुछ नियम तय की है. लेकिन कई ऐसे स्कूल भी है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे है कम उम्र के बच्चों को ही क्लास 1 में एडमिशन दे रहे हैं.
अब शिक्षा विभाग ने सख्त आदेश जारी किए हैं, कि सभी स्कूलों को इन नियमों का पालन करना होगा. यदि कोई इन नियमों का पालन नही करते है तो उन स्कूलों की मान्यता रद्द हो जायेगी और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार चाहती है कि बच्चों को उनकी सही उम्र की ऐसा हिसाब से ही क्लास में एडमिशन मिलना चाहिए ताकि वह बिना बोझ के पढ़ाई कर सकें.
