सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना सर्वेक्षण के सत्यापन की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की है। ग्रामीण विकास अभिकरण विभाग (डीआरडीए) ने अब तक 95,986 लोगों का आवास सर्वेक्षण किया है। इसमें से पोर्टल ने 46,581 सर्वेक्षणों का डेटा सही पाया है और उसे सुरक्षित कर लिया है। 49,405 लोगों का डेटा जाँच के लिए भेजा गया था, जिनमें से 41,504 का सत्यापन पूरा हो चुका है। इस सत्यापन कार्य के लिए कुल 362 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 1,20,000 रुपये मिलते हैं। यह धनराशि तीन किश्तों में दी जाती है। अंतिम तिथि तय होने से जरूरतमंदों में जल्द घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। शासन ने मुख्य विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय को सत्यापन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। इस तिथि के बाद कोई भी सर्वेक्षण सत्यापन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब तक कितना काम हो चुका है?
- ग्रामीण विकास एजेंसी विभाग (डीआरडीए) ने अब तक 95,986 लोगों का आवास सर्वेक्षण किया है। इनमें से:
- 46,581 लोगों का डेटा सही पाया गया है और उसे सुरक्षित कर लिया गया है।
- 49,405 लोगों का डेटा जांच के लिए भेजा गया और 41,504 का सत्यापन पूरा हो चुका है।
- इस कार्य को पूरा करने के लिए 362 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
- शासन ने मुख्य विकास अधिकारी अर्पित उपाध्याय को यह कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा है, क्योंकि 31 अगस्त के बाद कोई भी लंबित सत्यापन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लाभार्थियों को कितना पैसा मिलेगा?
इस योजना के तहत, प्रत्येक लाभार्थी को घर बनाने के लिए ₹1,20,000 मिलते हैं। यह धनराशि तीन किश्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इस निर्धारित समय-सीमा ने उन कई ज़रूरतमंद परिवारों को उम्मीद की किरण दिखाई है जो अपने घर का इंतज़ार कर रहे हैं।
