त्योहारों की बिक्री पर असर
ओणम जैसे बड़े त्योहार पर सोने की खरीदारी हमेशा तेज़ रहती है, लेकिन रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँचे दामों ने इस बार तस्वीर बदल दी है। ज्वेलर्स का मानना है कि अगर ओणम पर बिक्री उम्मीद से कम रही, तो अगली बड़ी उम्मीद दिवाली और धनतेरस से जुड़ी होगी। खुदरा कारोबारियों की नजर अब इसी पर टिकी है कि तब तक सोने के भाव कुछ स्थिर हो जाएं।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उछाल
आज सुबह दुबई में सोना Dh382.75 प्रति ग्राम पर था, लेकिन थोड़े ही समय में यह नया शिखर छू गया। वैश्विक स्तर पर भी सोने का भाव $25 से बढ़कर $3,477 प्रति औंस पर पहुँच गया। विश्लेषकों का मानना है कि कीमतें निकट भविष्य में $3,487 प्रति औंस के आसपास टिक सकती हैं।
उछाल के पीछे कारण
- अमेरिका में टैरिफ़ को लेकर अनिश्चितता – हाल ही में अदालत ने राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ़ को अवैध ठहराया, जिससे वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ी।
- फेडरल रिज़र्व की नीतियाँ – ब्याज दरों में संभावित कटौती से निवेशक सोने को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
- फ्यूचर्स में बढ़त – मौजूदा समय में सोने का फ्यूचर प्राइस $3,543 प्रति औंस पर है, जो आने वाले दिनों में और तेजी की संभावना दिखाता है।
खरीदारों की दुविधा
ग्राहकों के पास ज़्यादा विकल्प नहीं हैं। हर कोई यही उम्मीद कर रहा है कि निकट भविष्य में सोने के दाम कुछ नरम पड़ें। लेकिन यह कब होगा, इसको लेकर विशेषज्ञ भी साफ-साफ अनुमान लगाने की स्थिति में नहीं हैं।
