highspeed expressway : यूपी में पिछले काफी समय से प्रगति कार्य रफ्तार पकड़ रहा है। यहां पर लगातार नए नए हाईस्पीड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। अब यूपी में 2 धर्मनगरियों तक का सफर आसान हो जाने वाला है। यूपी (expressway in UP) में 200 किलोमीटर लंबा एक्सेस कंट्रोल हाईस्पीड एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
यूपी में लगातार नए नए हाईवे और एक्सप्रेसवे को बनाया जा रहा है। अब यहां पर दो धर्मनगरियों के बीच एक्सेस कंट्रोल हाईस्पीड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाने वाला है। बता दें कि ये एक्सेस कंट्रोल हाईस्पीड एक्सप्रेसवे (access control highspeed expressway) 200 किलोमीटर लंबा होगा। इसकी वजह से यात्रा करने में काफी ज्यादा आसानी होने वाली है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
इन दो शहरों के बीच बनेगा एक्सप्रेसवे
अयोध्या से काशी तक हाईस्पीड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस वे का निर्माण जल्द ही शुरू किया जाने वाला है। इसकी वजह से दोनों आध्यात्मिक शहरों की दूरी लगभग दो घंटे में तय की जा सकेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI Latest Update) ने एक्सप्रेस वे के लिए टेंडर प्रक्रिया को भी प्रारंभ कर दिया है।
इसमें चयनित संस्था इसके लिए डीपीआर का निर्माण होने वाला है। प्रस्तावित एक्सप्रेस वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा। इसकी वजह से अयोध्या से दिल्ली तक की कनेक्टिविटी (highspeed expressway) और मजबूत होगी। लगभग 200 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलने वाली है।
रिंग रोड के कार्य को मिली रफ्तार
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अयोध्या में कई बड़ी परियोजनाएं को पेश किया जा रहा है। इनमें 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, रामजानकी मार्ग अयोध्या से जनकपुर, अयोध्या-सुल्तानपुर व अयोध्या-जगदीशपुर मार्ग, (Ayodhya-Jagdishpur Road) राम वन गमन मार्ग के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर लखनऊ हाईवे पर अनेक ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण शामिल किया गया है।
इसके अलावा, अयोध्या बाईपास (Ayodhya bypass) का सौंदर्यीकरण 55 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। शहर के यातायात दबाव को कम करने और राष्ट्रीय महत्व की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रिंग रोड का काम प्रगति पर है।
औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
इसके अलावा अयोध्या-प्रयागराज ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल छह लेन हाईवे के प्रथम चरण में प्रतापगढ़ तक के लिए सीमांकन की प्रक्रिया चलाई जाने वाली है। इन परियोजनाओं (New Highway Project) के पूरे हो जाने पर अयोध्या उत्तर भारत का एक प्रमुख सड़क संपर्क केंद्र बनकर सामने आएगा। इसकी वजह से न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने वाली है।
पूर्व सांसद ने दी जानकारी
अयोध्या से वाराणसी के मध्य सड़क परिवहन को उच्च स्तर पर विकसित करने के लिए लम्बे समय से पूर्व सांसद प्रयासरत थे। उन्होंने एक्सप्रेसवे (expressway in UP) निर्माण को अयोध्या और पूर्वांचल के लिए ऐतिहासिक कदम बताया था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि अयोध्या से वाराणसी हाईस्पीड एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की दूरदर्शी सोच का परिणाम रहने वाला है।
