Gold Price : सोने की कीमतों में पिछले काफी समय से गिरावट दर्ज की जा रही थी लेकिन अब एक बार फिर सोने में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और सोना अपने उच्चतम स्तर (Gold Rate Hike) पर बना हुआ है। सोने की कीमतों में 32 प्रतिशत तक का तगड़ा इजाफा हुआ है। इसकी वजह से निवेशकों को काफी लाभ हो रहा है।
अगर आप भी सोने की गहने खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह खबर आपके काफी काम की हो सकती है। जहां एक और पिछले काफी समय से सोने की कीमतों में गिरावट (Gold Price Today) दर्ज की जा रही थी। वहीं, अब एक बार फिर सोने की कीमत रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार से बढ़ रही है। अभी तक सोने ने 32 फीसदी तक का रिटर्न दे दिया है। आईए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
ग्लोबल टैरिफ सिस्टम का ऐलान
जब अमेरिका ने ग्लोबल टैरिफ सिस्टम का ऐलान कर दिया था तो इसके बाद एक महीने में सोने ने शानदार परफॉर्म कर दिया है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता को बढ़ावा मिल रहा है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) से ब्याज दरों में कटौती की संभावना लगाई जा रही है। सोने की बढ़ौतरी की वजह से सेंट्रल बैंकों का अमेरिकी डॉलर रिजर्व से दूरी बनाना भी है।
बॉन्ड यील्ड में हुआ इजाफा
इस साल की शुरुआत से डॉलर में 11 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा रही है। खासतौर पर पहले कुछ महीनों में। सेंट्रल बैंक न सिर्फ डॉलर रिजर्व को बेच रहे हैं, बल्कि यूरोप और जापान (Gold Price in Japan) में बॉन्ड यील्ड भी बढ़ा रहे हैं। जोकि गवर्नमेंट बॉन्ड की डिमांड में कमी की ओर इशारा कर रहा है। सोना धीरे-धीरे दूसरी करेंसीज की जगह ले ली है।
रिपोर्ट में हुआ खुलासा
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा इस वजह से हो रहा है क्योंकि सोना (Gold Price) मेन रिजर्व असेट बन जाए, हालांकि फिलहाल ये मुमकिन नहीं लग रहा है। इसके लिए ग्लोबल इकोनॉमी की हालत और खराब होनी पड़ने वाली है। हर जगह इन्फ्लेशन बढ़ रही है। इसके अलावा ट्रेड और जीडीपी (GDP Of India) में गिरावट आने वाली है। फिलहाल ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन सोने की हालिया तेजी की वजह से ये साफ पता चल रहा है कि कुछ इनवेस्टर्स और सेंट्रल बैंक चिंतित हो रहे हैं।
शेयर मार्केट में हो रही है हलचल
शेयर मार्केट लगातार पॉजिटिव सिग्नल की ओर इशारा कर रहा है। इस साल निफ्टी इंडेक्स 5 प्रतिशत और S&P 500 इंडेक्स 9 प्रतिशत के ऊपर बनी हुई है। अमेरिकी शेयर मार्केट (Gold Price in share market) रिकॉर्ड हाई पर है, और भारतीय शेयर मार्केट भी जून के अंत में बने अपने रिकॉर्ड हाई के करीब बनी हुई है। अमेरिकी शेयर मार्केट की वोलैटिलिटी को मापने वाला VIX इंडेक्स 14.5 पर बनी हुई है।
भारतीय शेयर मार्केट की वोलैटिलिटी को मापने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 10.1 पर बना हुआ है। दोनों ही अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज के आसपास या उससे नीचे बने हुए है। शेयर मार्केट (Shere market News) से कोई बुरी खबर का इशारा नहीं मिल रहा है। सोने और शेयर मार्केट की कहानी में साफ तौर पर मिसमैच रहा है। सोना, करेंसी और बॉन्ड मार्केट बुरी खबरों का इशारा कर रही है। हालांकि शेयर मार्केट कह रहा है कि सब कुछ ठीक है।
रिटेल और इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को होगा लाभ
रिटेल इनवेस्टर्स की बदकिस्मती वाली इमेज ये है कि वो इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (Institutional Investors Of Gold) के मुकाबले ज्यादा बार गलत साबित हो रहा है। सोने और शेयर मार्केट, दोनों में रिटेल इनवेस्टर्स की बड़ी मौजूदगी है। हालांकि करेंसी और बॉन्ड मार्केट (bond market) में उनकी हिस्सेदारी कम होने वाली है। ये दोनों मार्केट ज्यादातर इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के दम पर ही चलते हैं।
करेंसी मार्केट की चल पर रखें नजर
बॉन्ड और करेंसी मार्केट की चाल को देखते हुए ये पता चलता है कि इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स अभी निराशावादी हैं। सोना और शेयर मार्केट दोनों साथ में बढ़ रही है। इसकी मदद ये पता चलता है कि रिटेल इनवेस्टर्स (retail investors) ज्यादा ऑप्टिमिस्टिक हैं, हालांकि वो अपने दांव को सेफ भी रख रहे हैं। टाइम के हिसाब से ही बताएगा कि कौन सा ग्रुप सही निकल रहा है। हिस्ट्री को देखें तो इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (Institutional Investors) ने रिटेल इनवेस्टर्स से बेहतर परफॉर्म किया है।
