बागवानी के शौकीन लोगो को घर में हरी सब्जियां उगाना बहुत पसंद होता है। सब्जियों के पौधे लगाने के लिए उन्नत और उच्च गुणवत्ता वाले किस्म के बीजों का चयन करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है। तो चलिए जानते है कौन सी किस्में है।
सितंबर में छत पर लगाएं सब्जियों की ये किस्में
इन सब्जियों को लगाना के लिए सितंबर का महीना सबसे खास और उत्तम होता है। अगर आप अपने घर की छत पर मटर, गाजर जैसी सब्जियों के पौधों को उगाने के बारे में विचार कर रहे है तो आप इन किस्मों को जरूर लगाएं। ये जल्दी तैयार हो जाती है और रोगप्रतिरोधक भी होती है इन सब्जियों को अभी घर की छत या बगीचे में लगाने से ये फायदा है की जब ये सीजन की शुरुआत में मार्केट में आती है तो काफी महंगी बिकती है लेकिन अगर ये आपके घर में लगी होंगी तो आपको बाजार से महंगी सब्जी खरीदने की झंझट ही नहीं रहेगी और घर में ही ताजी सब्जी खाने को मिलेगी।
मटर की किस्में
सितंबर के महीने में आप अपने घर की छत में मटर के पौधे जरूर लगाएं। मटर के पौधे लगाने के लिए पहले उन्नत किस्म का चयन करना सबसे जरुरी काम होता है। मटर की आर्किल, जवाहर मटर-3, पंत मटर-2, पीएसएम-5, काशीनंदिनी और काशी अगेती किस्म सबसे आदर्श होती है ये किस्म जल्दी पककर तैयार हो जाती है और खाने में बहुत मीठी होती है। मटर के बीज बोन के लिए सबसे पहले एक ग्रो बैग या बड़े साइज के कंटेनर को मिट्टी खाद से भरकर उसमे बेल को सहारा देने के लिए लकड़ी के जाल को भी लगाएं। बीजों बोते समय ध्यान रखे स्वस्थ बीजों का ही चयन करें। बीजों को सीधे मिट्टी में 1 से 1.5 इंच गहरा और लगभग 1 इंच की दूरी पर लगाएं और ऊपर से भुरभुरी मिट्टी या कोकोपीट डालकर बीजों को ढक दें और मिट्टी में नमी बनाए रखने जितना ही पानी दें मिट्टी में स्प्रे पंप से पानी देना उचित होता है। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में बीज अंकुरित हो जायेंगे और मटर के पौधे तैयार हो जायेंगे।

गाजर की किस्में
सितंबर के महीने में बगीचे में गाजर को तो जरूर हो उगाना चाहिए घर में लगी ताजी गाजर की बात ही अलग होती है। गाजर की प्रमुख किस्मों में पूसा रुधिरा, पूसा केसर, हिसार रसीली, पूसा मेघाली, और नैनटेस सबसे उत्तम होती है। ये किस्म गहरे लाल रंग और मीठे स्वाद वाली होती है। गाजर के पौधे लगाने के लिए गमले या ग्रो बैग को गोबर की खाद, मिट्टी, बालू, नीम खली, वर्मीकम्पोस्ट से तैयार करना चाहिए फिर मिट्टी में बीजों लगभग 1/4 इंच गहरा बोना चाहिए और बीजों के बीच में 2-3 इंच की दूरी रखनी चाहिए। बीज अंकुरण के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखना आवश्यक है लेकिन जल भराव नहीं होने देना है। बीज से पौधा निकलने में लगभग 14 से 18 दिन का समय लगता है।

