कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए कर्मचारियों को राहत दी है। अब सदस्य नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद अपने पीएफ खाते से पूरी राशि निकाल सकते हैं। पहले केवल 75% निकासी की अनुमति थी। यह संशोधन उन कर्मचारियों की मदद के लिए किया गया है, जो नौकरी छूटने के बाद आर्थिक परेशानी का सामना करते हैं। हालांकि, इसके लिए आधार नंबर का पीएफ खाते से जुड़ा होना अनिवार्य है।
💼 क्या है नया नियम?
ईपीएफओ ने अब सदस्यों को उनके खाते से 100% तक रकम निकालने की अनुमति दे दी है। लेकिन इसके साथ एक जरूरी शर्त रखी गई है — खाते में कम से कम 25% राशि बनी रहनी चाहिए, ताकि रिटायरमेंट के लिए कुछ बचत सुरक्षित रहे।
इसके अलावा, नौकरी छोड़ने के बाद पूरी निकासी की समयसीमा 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। वहीं, पेंशन (EPS) निकालने के लिए अब 36 महीने का इंतजार करना होगा।
सरकार का कहना है कि ये बदलाव पीएफ निकासी को ज्यादा आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के साथ-साथ लंबी अवधि की बचत को भी सुरक्षित रखने के लिए किए गए हैं।
⚙️ नया नियम क्यों खास है?
अब ईपीएफओ सदस्य आवश्यक परिस्थितियों में अपने खाते का पूरा “एलिजिबल बैलेंस” (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान) निकाल सकते हैं। लेकिन 25% राशि खाते में बनी रहना जरूरी है। इससे न केवल ब्याज मिलता रहेगा, बल्कि भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
📜 पुराने नियम क्या थे?
पहले पीएफ निकासी केवल कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे — शादी, घर खरीदना, शिक्षा या बीमारी के लिए ही की जा सकती थी। हर उद्देश्य के लिए अलग-अलग नियम, सर्विस अवधि और निकासी सीमा तय थी।
🔁 पुराने और नए नियमों में बड़ा फर्क
| कैटेगरी | पुराने नियम | नए नियम |
|---|---|---|
| निकासी सीमा | सीमित उद्देश्यों तक | 100% तक निकासी, 25% बैलेंस अनिवार्य |
| निकासी के उद्देश्य | 13 अलग-अलग कैटेगरी | सिर्फ 3 — आवश्यक, आवास, विशेष परिस्थितियां |
| सर्विस अवधि | 5-7 वर्ष | अब केवल 12 महीने |
| निकासी की संख्या | 2-3 बार | शिक्षा के लिए 10 बार, शादी के लिए 5 बार |
| जरूरी दस्तावेज़ | एडमिशन/मेडिकल प्रमाणपत्र | अब सिर्फ Self-declaration पर्याप्त |
| फाइनल सेटलमेंट | बेरोजगारी के 2 महीने बाद | अब 12 महीने बाद (PF), पेंशन के लिए 36 महीने |
| डिजिटल ट्रांसफर | नियोक्ता की मंजूरी आवश्यक | अब UAN + आधार से ऑटोमेटिक |
| पासबुक एक्सेस | अलग-अलग लॉगिन की जरूरत | नया ‘Passbook Lite’ ऐप |
| प्रोफाइल अपडेट | मैनुअल सिग्नेचर | अब आधार/उमंग ऐप से डिजिटल अपडेट |
| ऑटो क्लेम सेटलमेंट | ₹1 लाख तक | अब ₹5 लाख तक |
| वेरिफिकेशन | आधार OTP | अगस्त 2025 से फेस ऑथेंटिकेशन |
| न्यूनतम बैलेंस नियम | कोई नहीं | अब 25% राशि अनिवार्य |
| पेंशन निकासी | 2 महीने बाद | अब 36 महीने बाद |
💬 सरकार का रुख
13 अक्टूबर 2025 को दिल्ली में हुई बैठक में श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह से बढ़ाने पर विचार कर रही है। यह मुद्दा बैठक के एजेंडे में नहीं था, लेकिन ट्रेड यूनियनों की मांग पर इस पर चर्चा हुई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि कैबिनेट इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है।
🧾 EPF सब्सक्राइबर्स के लिए मुख्य बातें
- अब 100% निकासी संभव, लेकिन खाते में 25% राशि रखना जरूरी।
- पूरी निकासी के लिए बेरोजगारी की अवधि 12 महीने, और EPS के लिए 36 महीने तय।
- प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब सिर्फ 3 कैटेगरी में विभाजन।
- पासबुक लाइट ऐप, आधार लिंकिंग और फेस ऑथेंटिकेशन से पूरी प्रक्रिया डिजिटल।
- नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर अब अपने आप होगा (यदि UAN और आधार जुड़े हैं)।
- ₹5 लाख तक की राशि अब ऑटोमैटिक रूप से क्लेम सेटल होगी।
💡 क्यों किए गए ये बदलाव?
EPFO का कहना है कि नए नियम आसान निकासी और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाएंगे। उद्देश्य है कि लोग अपनी जरूरतों के समय पैसा निकाल सकें, लेकिन रिटायरमेंट की बचत सुरक्षित बनी रहे।
यह सुधार “EPFO विश्वास योजना” का हिस्सा है, जिसका मकसद लंबित दावों, पुराने विवादों और निष्क्रिय खातों को डिजिटल माध्यम से निपटाना है।
✅ EPFO सदस्यों के लिए सुझाव
- अपने UAN को आधार से लिंक करें।
- जल्दबाजी में पूरी निकासी से बचें, क्योंकि अब रकम 12 महीने बाद ही उपलब्ध होगी।
- Passbook Lite या Umang App से अकाउंट स्टेटस चेक करें।
- KYC अपडेट करें, खासकर अगर खाता अक्टूबर 2017 से पहले खोला गया था।
EPFO के नए नियम कर्मचारियों को अधिक लचीलापन और सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह बदलाव न केवल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हैं बल्कि रिटायरमेंट फंड को भविष्य के लिए बेहतर ढंग से सुरक्षित भी रखते हैं।
