त्योहारी सीजन की खरीदारी और ज्वेलर्स की लगातार लिवाली के चलते सोने की कीमत में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9% शुद्धता वाले सोने का भाव 10 ग्राम के लिए ₹1,31,800 तक पहुँच गया, जो लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में ₹1,000 की बढ़ोतरी के साथ सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। वहीं, 99.5% शुद्धता वाले सोने की कीमत ₹1,31,200 प्रति 10 ग्राम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसके विपरीत, चांदी की कीमतें गिरावट के साथ ₹1,82,000 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर आ गईं, जो मंगलवार के रिकॉर्ड स्तर से ₹3,000 कम है। यह जानकारी अखिल भारतीय सर्राफा संघ (All India Sarafa Association) ने पुष्टि की है।
सोने की तेजी के पीछे क्या वजह?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के अनुसार, घरेलू भौतिक मांग और निवेश की बढ़त के साथ-साथ मजबूत वैश्विक बाजारों ने सोने को सहारा दिया। रुपये की मजबूती ने घरेलू बढ़त को कुछ हद तक सीमित किया, लेकिन कुल मिलाकर तेजी का रुझान बना हुआ है। व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि त्योहारी खरीदारी के दौरान यह प्रवृत्ति जारी रहेगी।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोने का भाव 4,218.32 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। हाजिर चांदी 2.81% बढ़कर 52.84 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। मंगलवार को चांदी ने 53.62 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड दर्ज किया था।
पीएल कैपिटल के सीईओ संदीप रायचुरा ने कहा कि चीन की लगातार खरीदारी और ईटीएफ व उभरते बाजारों में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने की दीर्घकालिक मांग मजबूत हुई है। इसके अलावा, अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, अमेरिकी सरकार के संभावित शटडाउन, रूस-यूक्रेन युद्ध और फेडरल रिजर्व की संभावित नीतिगत कार्रवाइयां सोने की कीमतों में तेजी का प्रमुख कारण बनी हैं।
चांदी की अस्थिरता
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, लंदन बाजार में तरलता की कमी और ऐतिहासिक शॉर्ट स्क्वीज के कारण चांदी की कीमत में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसने व्यापारियों को वैश्विक स्तर पर भौतिक आपूर्ति की ओर दौड़ने पर मजबूर किया।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विश्लेषक मानव मोदी ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में संभावित कटौती की उम्मीद ने सोना और चांदी दोनों में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ा दी है।
इस तरह, दिवाली से पहले सोना निवेशकों के लिए आकर्षक बन गया है, जबकि चांदी में अस्थिरता बनी हुई है।
