केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए हर 10 साल में एक बार वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती रही हैं। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं। कर्मचारी और पेंशनभोगी पहले से ही इस बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि नई सिफारिशों के बाद उनके वेतन और पेंशन दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है।
सरकार के पेंशनभोगी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 30 अक्टूबर 2025 तक 68.72 लाख पेंशनभोगी देश में मौजूद हैं। इनमें नागरिक, रेलवे, दूरसंचार, डाक और रक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में जानना जरूरी है कि उनका पेंशन कैसा बदल सकता है।
Fitment Factor: पेंशन वृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण आधार
वेतन आयोग में पेंशन और सैलरी कितनी बढ़ेगी — इसका मुख्य निर्धारक होता है फिटमेंट फैक्टर। इसे एक तरह के मल्टीप्लायर के रूप में उपयोग किया जाता है।
- 7th Pay Commission में यह 2.57 रखा गया था
यानी छठे वेतन आयोग के मुकाबले मूल वेतन/पेंशन को 2.57 गुना कर दिया गया था।
आठवें वेतन आयोग में यह फैक्टर क्या होगा, यह केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद साफ होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सरकार इसे 2.57 से बढ़ाकर 3.0 या 3.68 कर देती है, तो:
✅ पेंशन दोगुनी के करीब बढ़ सकती है
✅ कर्मचारियों की सैलरी में भी बड़ा उछाल देखने को मिलेगा
यही वजह है कि पेंशनभोगियों के बीच फिटमेंट फैक्टर को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।
8th Pay Commission का गठन — पूरी टीम तैयार
केंद्र सरकार पहले ही आठवें वेतन आयोग का गठन कर चुकी है। सरकार ने इसके नियम और शर्तों को मंजूरी देते हुए आयोग को 18 महीनों में अंतिम रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। हालांकि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की प्रबल संभावना है।
आयोग की संरचना इस प्रकार है—
| पद | नाम |
|---|---|
| अध्यक्ष | उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई |
| अंशकालिक सदस्य | IIM बेंगलूर के प्रोफेसर पुलक घोष |
| सदस्य-सचिव | पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन |
यह आयोग:
- केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में सुधार की सिफारिश करेगा
- रक्षा सेवाओं के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी शामिल करेगा
- समय-समय पर अंतरिम रिपोर्ट भी जारी करेगा
क्या है उम्मीद?
आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद:
✅ पेंशन में मजबूत उछाल
✅ वेतन संरचना में बड़ा सुधार
✅ लाखों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें अब इस आयोग की अंतिम रिपोर्ट और फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगा कि उनकी जेब में कितनी बढ़ोतरी होगी।
