मालाबार नीम की खेती से बन जाएंगे करोड़पत्ती जानिए खेती करने का पूरा तरीका

 
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आज के समय में महंगाई को देखते हुए आज हर कोई पैसा कमाने का दूसरा तरीका ढूंढने लगे है अगर आप भी भी अच्छी कमाई करने के लिए अधिक कमाई देने वाली फसल की खेती करने की सोच रहे है तो हम आपको मालाबार नीम की खेती के बारे में बता रहे है जो 5 साल के अंदर आपको करोड़पति बना देगा इसकी खेती के साथ आप हल्दी अदरक काली मिर्च खरबूजे की खेती भी सफलतापूर्वक कर सकते है 

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मालाबार नीम या मेलिया डबिया इस पेड़ को कई अन्य नाम से जाना जाता है इस पेड़ की खेती सबसे ज्यादा ऑस्ट्रेलिया में होती है इंडिया में सबसे ज्यादा तमिलनाडु कर्नाटक आंध्र प्रदेश और केरल राज्य के किसान मालाबार नीम के पेड़ों की खेती करते हैयह पेड़ कम सिंचित क्षेत्र में भी आसानी से उगाया जा सकता है यह किसी भी तरह की मिटटी में उगाया जा सकता है  
इस नीम के पेड़ों का इस्तेमाल अनेक प्रकार की चीजों को बनाने के लिए किया करते है इसकी लकड़ी  का इस्तेमनाल अनेक प्रकार के फर्नीचर पैकिंग बॉक्स और क्रिकेट स्टिक को बनाने में करते है इसके अलावा कृषि उपकरण तिल्लीयोपन छत के तख्तों पेन्सिल बनाने में किया जाता है और यह संगीत चाय के बक्से और प्लाइबोर्ड के लिए भी उपयुक्त है 
मालाबार नीम के पेड़ 5 से 6 साल में कटाई के लिए तैयार हो जाता है इसका पौधा एक साल में लगभग 80 फ़ीट की ऊंचाई तक बढ़ता है इसके पौधों में दीमक नहीं लगने की वजह से इसकी मांग ज्यादा है इसकी लकड़ी का इस्तेमाल प्लाईवुड उद्योग में सबसे ज्यादा किया जाता है जिससे कुछ सालों में ही इंसान लाखों की कमाई कर लेता है इसकी खेती के लिए 4 एकड़ में लगभग 5000 पेड़ लगा सकते है इंडिया के दक्षिण पूर्वी एशिया में भी इसे उगाया जाता है यह एक एग्रोफोरेस्ट्री प्रजाति का पौधा है यह पौधा साधारण नीम से अलग होता है 

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मालाबार नीम के बीजों को नर्सरी बेड के ऊपर बो दिया जाता है जिसके बाद उन्हें अंकुरित होने में 2 से 3 महीने का समय लग जाता है और अंकुरण अवस्था को पूरा करने के लिए 6 महीने का समय लग जाता है इस पेड़ की बुवाई के लिए मार्च और अप्रैल का महीना उपयुक्त रहता है  
मालाबार नीम के पौधों रोपाई के लिए खेत में 8 बाई 8 मित्र की दुरी रखते हुए लगभग 2 फ़ीट चौड़ाई और डेढ़ फ़ीट गहराई के गड्ढों पंक्तियों में तैयार करें उसके बाद उसमें उचित मात्रा में जैविक और रासायनिक उर्वरकों  को मिटटी में मिलकर गड्ढों में भर दें इन गड्ढों में रोपाई के एक महीने पहले तैयार कर लें शुरुआत में इस पौधे में नमि बनाए रखने के लिए पानी देते रहना चाहिए