Sugarcane :अब बुवाई का खर्च आधे से कम,गन्ने की इस नई वेराइटी का सफल परीक्षण,एक एकड़ में मिली इतनी टन पैदावार

 
g

गन्ने की एक नई वेराइटी ने गन्ना उत्पादक किसानो में नई उम्मीद जागी है।केरल में किए गए सफल परीक्षण से जानकारी मिली है की गन्ने की नई किस्म से किसान,कम -पानी,उर्वरक का इस्तेमाल और साधारण रख -रखाव कर अच्छा पैदावार प्राप्त कर सकते है।गन्ने की सीओ किस्म में सूखे और कीटो से हमलो के प्रति ज्यादा प्रतिरोधक क्षमता पायी गयी है। परीक्षण से जुड़े अधिकारियो के अनुसार,गन्ने की नई किस्म पर सस्टेन सुगरकेन इनिशिएटिव के लिए 2021 में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था।एसएसआई गन्ने की खेती के लिए एक ऐसी विधि है जिसमे कम गुलियो,कम पानी,उर्वरको का कम इस्तेमाल करके फसल में ज्यादा पैदावार हासिल कर सकते है। 

h

इन गन्ने की गुलियो का इस्तेमाल करके सीओ किसम की खेती की जाती रही है।लेकिन इस परीक्षण में पहली बार गन्ने की पौध बीज का प्रयोग किया गया है। तमिलनाडु,कर्नाटक और आंध्र प्रदेश राज्यों में गन्ने की खेती के लिए एसएसआई विधि पहले से लागु कर दी है। खेती के नई विधि का उद्देश्य कम लगात पर उपज बढ़ाना है। 

इस गन्ने की खेती के लिए एक एकड़ भूमि में 55 टन गन्ना की पैदावार की गयी है .सामान्य तोर या पारपरिक खेती से ये उपज महज 40 टन होती है और इसके लिए किसानो को 30 हजार गन्ना की ठूंठों की जरूरत होती है। इस विधि में हमने केवल 5 हजार पौधे से ही 55 टन गन्ना हासिल किया है। प्रति एकड़ गन्ने की उपज के लिए किसानो को 18 हजार रूपये के गन्ने के गुलिया लेने पड़ती है जबकि पौधे की लागत आधी लगभग 7.5 हजार रूपये से भी कम है। 

g

गन्ने की खेती केरल की मरयूरऔर कंथलूर ग्राम पंचायत में बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते आ रहे है .मरयूर का गुड़ अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए मशहूर है।किसानो को उम्मीद है की गन्ने की इस वेरायटी से उन्हें उनकी फसल पर लागत और मेहनत का उचित दाम मिल पाएगा