लाल भिंडी की खेती से होगी बंपर कमाई ,जानिए इसकी खेती के बारे में

 
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हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में 2 दिवसीय कृषि मेले का आयोजन किया गया इस मेले में बड़ी संख्या में हरियाणा पंजाब राजस्थान दिल्ली और UP के किसानों ने भाग लिया है मेले में MHU करनाल ने भी किसान मेले में अपनी स्टाल लगाई हुई थी करनाल के MHU ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल संस्थान वाराणसी के सहयोग से भिंडी और लोबिया के मिश्रण से लाल रंग की भिंडी के हाइब्रिड किस्म को विकसित किया गया है यह खाने के साथ -साथ इम्युनिटी पावर को बढ़ाने में भी सहायक है .

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करनाल के महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर  SK यादव ने बताया की ये भिंडी बॉडी को एनर्जी देने के साथ इम्युनिटी पावर भी बढ़ाएगी HMU ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल रिसर्ट वाराणसी के सहयोग से तैयार की गई इस नए किस्म के भिंडी की खेती से जुडी हर तरह की जानकारी किसानों को दी .
डॉ SK यादव ने बताया की संस्थान ने कशी लीना नामक लाल रंग की भिंडी की किस्म विकसित की है इसकी उपज 20 क्विंटल प्रति एकड़ तक है इसकी लंबाई भी 7 इंच तक होती है डॉ SK यादव के अनुसार लाल रंग होने के कारण भिंडी में एंथोसाइन  नामक तत्व पाया जाता है यह हमारी बॉडी को ऊर्जा देने से लेकर की इम्युनिटी पावर विकसित करता है इसमें फाइबर और आयरन की मात्रा अधिक होती है .

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देश के कई राज्यों में इस तरह की भिंडी की खेती शुरू हो चुकी है इसकी बुवाई भी हरी भिंडी की तरह होती है इसके लिए अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिटटी सबसे अच्छी रहती है इसका PH मान 6 .5 से 7 .5 तक होना जरुरी है इसे ऐसी जगह लगाना चाहिए जहां धुप अच्छी तरह से पहुंच सकें .
लाल भिंडी को लगाने से ज्यादा लागत नहीं आती है मार्किट में इसकी बिक्री हरी भिंडी से ज्यादा कीमत पर होती है मंडियों में लाल भिंडी 500 रूपये किलो तक बिकती है इस हिसाब से किसान 1 एकड़ में लाल भिंडी की खेती कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते है .