ब्रीडिंग फार्मिंग क्या है ?? कैसे ये पशुपालको की आय बढ़ती है ?इसके लिए सरकार देती है है अनुदान

 
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दुनियाभर में दूध डेयरी प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ती जा रही है अब किसान हो या नए ज़माने के युवा प्रोफेशनल हो।हर कोई डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में रूचि ले रहा है।जो पुराने पशुपालक है वो डेयरी फार्म का विस्तार कर रहे है।वही खेती करने वाले किसान और नौकरी पेशे वाले युवा डेयरी बिजनेस से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहे है।दूध डेयरी उत्पादकों की साल बाहर डिमांड रहती है। ऐसे में यह बिजनेस लाभदायक है।अगर आप भी डेयरिंग फार्मिंग कर रहे है तो साथ में एक ब्रीडिंग फार्म भी खोल सकते है जिसके लिए सरकार आर्थिक मदद भी देती है। 

क्यों जरुरी है पशुओ की ब्रीडिंग 
एक्सपर्ट के अनुसार पशुओ की ब्रीडिंग का प्रमुख उद्देश्य उनके उत्पादन में वृद्धि करना और उनसे मिलने वाले उत्पादकों की वंचित गुणवत्ता में सुधर करना है। इस तकनीक के जरिये विलुप्त हो रही मवेशियों की देसी प्रतियो को पुनजीवित किया जा रहा है। कई संस्थाए गाय,भेस,बकरी ,मुर्गी आदि पशुओ की देसी और पुराणी नस्लों का कृतिम गर्भाधन करवाके उनका सरक्षण और सर्वधन कर रहे है। also read :यह मुर्गी एक दिन में 2 या चार नहीं बल्कि 31 अंडे देत्ती है,मूंगफली लहसुन खाती है यह मुर्गी,यह देख हर कोई हैरान रह गया

क्या होता है ब्रीडंग फार्म 

देश ने दूध का उत्पादन बढ़ाने की कवायद  तेज हो गयी है।पशुपालक भी अच्छी नस्ल के पशुओ को खरीदकर अपने डेयरी फार्म को आगे तक ले जा रहे है।डेयरी फार्म का फोकस पूरी तरह से दूध उत्पादन पर होता है।इसके लिए पशुओ को रिप्लेस भी करना पड़े को पशुपालक झिझकते नहीं है।बस मिल्क की सप्लाई बानी रहे।इसी पर ही डेयरी फार्म की सफलता निर्भर करती है लेकिन ब्रीडिंग फार्म में अच्छी गुणवत्ता के पशुओ की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दिया जाता है। इसमें अच्छी नस्ल को प्रमोट करते हुए ब्रीडिंग के जरिये पशुओ की संख्या बधाई जाती है। 

ब्रीडिंग फार्म में हर एक पशु का रिकॉर्ड और हिस्ट्री नॉट की जाती है,जिसमे पशु की माँ और सिबलिंग की सेहत दूध की मात्रा और प्रजनन क्षमता के बारे में भी लिखा होता है। जिन पशुओ का रिकॉर्ड अच्छा रहता है,उन्ही की ब्रीडिंग होती और उनसे पैदा होने वाले नेहीहल डेयरी फार्म्स का फयुकचर बनते है। 
 
मादा पशु है डेयरी ब्रीडिंग फार्म का भविष्य 

देश में अच्छी दूध देने की क्षमता वाले पशुओ की नस्लों की मांग है।एक मादा मवेशी ही गर्भधारण करती है और दूध देती है।इसलिए राष्टीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स सॉर्टेट सीमेन को प्रमोट किया जा रहा है।जिससे मादा पशु के पैदा होने सम्भावनाफिसदी तक होती है।

अच्छे ब्रीडिंग फार्म का रजिस्ट्रेशन जरुरी 
वैसे तो पशुओ के बाजार में धोखादड़ी की काफी संभावनाएं है।कई लोग अच्छी नस्ल कहकर पशुपालको को कम दुधारू पशु बेच देते है। जिनकी दूध सेहत और प्रजनन क्षमता अच्छी नहीं होती है।आप चाहते है की आपका ब्रीडिंग फार्म अच्छी तरह चलता रहे है और अच्छी क्षमता वाले उतन्न नस्ल के पशुओ को दूसरे पशुपालक भी पसंद करके बेझिझक खरीद ले तो रजिस्टर कॉपरेटिव सोसाइटी से रजिस्टर करवाए और पशुपालन विभाग से ऐकेडरेशन ले।इससे सरकारी योजनाओं से सब्सिडी मिल पाएगी और पशुपालक को भी बिजनेस और ग्राहक को पशु खरीदने पर सिक्योरिटी रहेगी। 

कितनी कमाई हो जाएगी 

ब्रीडंग फार्म का बिजनेस तक फायदेमंद होगा ,जब आप इसे अच्छी नस्ल के पशुओ के डेयरी फार्म  के साथ साथ ब्रीडिंग का काम करेंगे और साडी चीजे ऑन रिकॉर्ड रखेंगे। शुरुआत में थोड़ा टाइम देना होगा विधि से सारा काम करना होगा। यदि मुनाफा कमाने का सोच रहे है तो ३ से 5 साल का समय लग सकता है। एक बार ब्रीडिंग फार्म जम जाए तो हर साल 10 दुधारू पशुओ की बिक्री कर सकते है। यदि आप भेस ,बकरी आदि का ब्रीडिंग फार्म पर 4 करोड़,1 करोड़ ,60 लाख खर्च करते तो राष्टीय गोकुल मिशन योजना का लैह लेकर 50 % अनुदान हासिल कर सकते है।