डेंगू ही नहीं इन स्थितियों के कारण भी हो सकती है प्लेटलेट्स की कमी,जानिए इनके बारे में

 
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डेंगू में अक्सर प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है।ये खून के थक्के कम होने के कारण से हो सकता है।एक स्वस्थ मनुष्य के अंदर 150 हजार से 450 हजार प्रति माइक्रो लीट प्लेटलेट काउंट होता है ,लेकिन जब ये इससे निचे चला जाता है तो शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। लेकिन हर किसी को लगता है की प्लेटलेट काउंट सिर्फ डेंगू में कम होता है।लेकिन कुछ ऐसी बीमारिया भी है जिसमे प्लेटलेट्स की कमी हो सकती है।तो चलिए जानते है उन बीमारियों के कारण जिसमे शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। 

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एनीमिया - एनीमिया एक ऐसी स्थति है जिसमे प्लेटलेट्स की कमी हो सकती है।अप्लास्टिक एनीमिया तब होता है जब आपका बोन मेरा पर्याप्त लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स नहीं बनाता है।ऐसे में आप थका हुआ महसूस कर सकती है,संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है पर आपको आसानी से चोट लग सकती है या खून बह सकता है। ऐसे में अगर शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो तो डॉक्टर से सम्पर्क करे। 

कैंसर - आज के समय में अधिकतर लोगो क कैंसर से मोत हो रही है।कैंसर की बीमारी खास कर की ब्लड कैंसर और ल्यूकेमिया में प्लेटलेट्स की कमी होने लगती है।ल्यूकेमिया में व्हाइट ब्लड सेक्स बनना बंद हो जाते है और डीएनए क्षति पहुंचने लगती है। इसमें कैंसर की कोशिकाएं अस्थित मज्जा यानी मेरो में बढ़ने लगती है और हेल्दी ब्लड सेल्स को सामान्य रूप से बढ़ने और काम करने से रोकती है। इसके शुरुआत में ही शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। 

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हेपेटाइटिस सी वायरस -  हेपेटाइटिस सी वायरस,लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस बाद में हाइपरस्प्लेजिनम यानी एक तरह के प्लेटलेट्स की कमी का कारण बन सकता है।ये ट्रॉम्बोपोइटिन और एडोथेलियल डिस्फंक्शन का कारण भी बनता है जो सभी ट्रॉम्बोसाइटोपोनिया कारण बन सकता है। जिसमे की शरीर में प्लेटलेट की कमी होती है।