सर्दियों के मौसम में बच्चो में बढ़ जाता है निमोनिया का खतरा, बचाव के लिए जानिए एक्सपर्ट्स की राय

 
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इन दिनों देश में ठंड से लोगों का बुरा हाल है। कंपकपाती हुई सर्दी में बड़े और बच्चे दोनों पूरी तरह से परेशान हो रहे हैं। ठंड का यह मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर भी आता है। बच्चे तो इस मौसम में जरूर बीमार होते ही है। डॉक्टरों के मुताबिक तापमान में गिरावट और प्रदूषण की दोहरी मार बच्चों पर भारी पड़ती है। दिल्ली के तीन अस्पतालों में निमोनिया के 70 से अधिक पीड़ित बच्चों का इलाज चल रहा है। 

निमोनिया के लक्षण
निमोनिया का संक्रमण होने पर कुछ बच्चों को खांसी और हल्का बुखार आता है। वहीं कुछ ऐसे ऐसे भी हैं जिनका खाना-पीना कम हो गया है। और सांस लेने में तकलीफ हो रही है ऐसे में ठंड से बचाना बेहद जरूरी है। बच्चों में तेज सांस लेना सीने में दर्द हो रहा है। ठंडा निमोनिया के संकेत हो सकते हैं। इसमें 5 साल से कम उम्र के ज्यादातर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत आती है। 

जरूर करवाएं टीकाकरण
बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए टीका जरूर लगवाएं जो इस संक्रमण को रोकने और जटिलताओं से बचने में बच्चों की मदद करता है। वैक्सीन बच्चों के लिए मददगार हो सकती है। बच्चों को टीकाकरण करवाने के साथ साथ-साथ निमोनिया से बचाव के उपाय जरूर करें। 

इस तरह से बढ़ाई इम्यूनिटी
बच्चों को कम से कम 20 सेकंड के लिए नियमित रूप से अपने हाथों को साबुन और पानी से धोना चाहिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए हेल्दी लाइफ़स्टाइल जरूर फॉलो करें और पर्याप्त आहार और और पोष्टीक डाइट देवे। 

क्यों होते हैं बीमार
संक्रमित व्यक्ति के खाँसने, छींकने या बात करने पर हवा में बूंदे पहले लगती है। नतीजे जब हम दूसरे लोगों के साथ लेते तो संक्रमित हो जाते हैं। also read ; 
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