बहुत ही कम कीमत में शुरू करें ये व्यवसाय ,हो जायेंगे मालामाल

 
BNANA

बिहार सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार 15 दिसंबर से बिहार में थर्मोकोल सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पाद जैसे की भोज में समान होने वाले भोजपत्ते आदि बैन होने वाले थे हालांकि इस बैन को फ़िलहाल राज्य सरकार द्वारा टाल दिया गया है राज्य सरकार ने नई अधिसूचना जारी कर इस प्रतिबंध को 1 जुलाई 2022 तक के लिए बढ़ा दिया है 

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लेकिन प्रतिबंध होने की खबर होते ही सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ -साथ कई इंडस्ट्री के लोगों में एक अनिश्चितता शुरू हो गई है लोग अब बिजनेस आइडिया से कोई नए बिजनेस आइडिया में बदलना चाहते है ऐसे में आपके पास एक शानदार मौका है जिसमें  आप नया व्यवसाय शुरू कर सकते है 
आज से लगभग एक दशक पहले जो भोजपते,कागज अथवा केले के पत्ते की सहायता से बनने वाले कप प्लेट आदि चलते थे जमाना उसके लौटने वाला है और ऐसे में हमारे पास एक नया व्यवसाय को शुरू कर उसे नई ऊंचाई तक ले जाने का शानदार अवसर है 
अभी तक मार्किट पर 85 % प्लास्टिक अभी तक बाजार पर 85 % प्लास्टिक व थ्रोकोल की थाली का कब्जा था सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्मोकोल पर प्रतिबंध के बाद अब लोगों के पास भोज में पत्ते ,पेपर व बायोडीग्रेबल थाली के ऑप्शन है इस क्षेत्र में अब रोजगार बढ़ने की संभावना भी बन गई है 

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 थाली और कटोरी विक्रेताओं की माने तो डेढ़ दशक पहले पत्ते की थाली व कटोरी ही ज्यादा बिकती थी लेकिन कम कीमत के कारण प्लास्टिक व थर्मोकोल की थाली मार्किट पर हावी हो गई इसमें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है जबकि पत्ते की थाली और कटोरी में छेद निकल जाते है पत्ते की थाली की कीमत डेढ़ से 2 रूपये होती है कटोरी 70 से 75 पैसा जबकि थर्मोकोल की थाली 1 रूपये व कटोरी 30 से 35 पैसे पड़ती है यही कारण है की लोग इसे ज्यादा वरीयता देने लगे है औरपत्ते  की थाली बनने का प्रचलन खत्म हो गया है 
आर्थिक ममले के जानकर CA प्रदीप कुमार झुनझुनवाला ने कहा है की सरकार के नए आदेश के बाद बांका जमुई कई कुटीर उद्योग खुल जायेंगे जिसमें 10000 हजार से अधिक लोग पत्ते तोड़ने ,इसे बनाने में लगकर रोजगार प्राप्त कर सकते हैराज्य में केले का उत्पादन बहुतायत में होता है अभी तक तो इसके पत्तों को फेंक दिया जाता है युवाओं को रोजगार मिले इसलिए केले के पत्तों को इधर उधर नहीं फेकना चाहिए