भारत में मौजूद ऐसी जगह जहां पर निर्माण कार्य करने के लिए पहले लेनी होती ब्रिटिश सरकार की मंजूरी, जानिए क्यों ?

 
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भारत साल 1947 में आजाद हुआ था तो देश पूरी तरह स्वतंत्र हो गया था। देश को आजाद कराने में कई वीरों को योगदान रहा है आजादी के बाद में देश को प्रत्येक निर्णय लेने का अधिकार रहा है। लेकिन क्या आप जानते है भारत में एक ऐसी जगह भी है जहा निर्माण कार्य को करने से पहले ब्रिटिश सरकार की जगह लेनी पड़ती है इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इससे जुड़ा हुआ सवाल पूछा गया है ये वास्तव में सच है तो आइए जान लेते है इसका जवाब ? 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अक्सर रोचक सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जवाब भी काफी रोचक होता है। अक्सर या तो सवाल गलत होते हैं, या फिर उनके जवाब गलत होते हैं। ऐसे में उन सवालों या जवाबों की पुष्टि नहीं होती है। कोरा पर कुछ वक्त पहले किसी ने सवाल पूछा गया “भारत में ऐसी कौन सी जगह है जहां आज भी निर्माण कार्य करने से पहले लेनी होती है ब्रिटिश सरकार से इजाजत?” अब चूंकि देश आजाद है, ऐसे में ये सवाल सही है या नहीं, इसकी जानकारी लेने के लिए आइए जान लेते है इस सवाल का जवाब 

कोरा पर लोगों ने क्या दिया जवाब?

आपको बता दे, राहुल गिरि नाम के व्यक्ति ने कहा- “आज़ाद भारत होने के बाद भी एक ऐसी जगह है, जहां एक छोटे से निर्माण कार्य के लिए भी आपको ब्रिटिश सरकार की इजाजत लेनी होती है। मतलब ये हुआ कि भारतीय होने के बावजूद आप भारत की धरती में ही ये सब कार्य नहीं कर सकते है। इसके लिए आपको पहले ब्रिटिश सरकार के पास आवदेन करना होता है। मंजूरी मिली तो ठीक अन्यथा इंतज़ार करिए। यह जगह नागालैंड की राजधानी कोहिमा है। कोहिमा की इस ख़ास जगह पर आज भी ब्रिटिश सरकार राज करती है। इस जगह को हम ‘Kohima War Cemetery’ के नाम से जानते हैं।”Commonwealth War Graves Commission एक छह सदस्य देशों का अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, भारत, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। इनका काम ये देखना है कि युद्ध में जो लोग मारे गए हैं,इसका हेडक्वार्टर यूके में है। यही संगठन उन कब्रिस्तानों की देख रेख करता है जहां पहले और दूसरे विश्व युद्ध के शहीद दफन हैं। नागालैंड के कोहिमा में भी विश्व युद्ध से जुड़ा कब्रिस्तान है जिसे कोहिमा वॉर सिमेट्री कहते हैं। also read : World Cup 2023 : श्रीलंका ने इग्लेंड को हराया,हार के बाद इग्लेंड के कप्तान का बयाना आया सामने