क्या आप भी जानते है देगी और कश्मीरी मिर्च के इस अंतर् के बारे में,जानिए

 
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भारत में मसाला उत्पादन सबसे ज्यादा किया है।इन मसालों से खाने का स्वाद और बढ़ जाता है।भारतीय -मसालेदार खाने को ज्यादा पसंद करते है और खाना जब तक लाल और तीखा नहीं दिखे तो मजा ही नहीं आता है। यही एक कारण है भारतीयों को लाल मिर्च काफी पसंद आती है।

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लाल मिर्ची का इस्तेमाल तड़का लगाने के साथ ही ग्रेवी,दाल और सब्जियों में स्वाद,रंग और तीखापन बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते है। ऐसे में कई लोगो से देगा मिर्च और कश्मीरी मिर्च के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप इनके अंतर् के बारे में जानते है ?? ये दोनों मिर्चिया काफी पसंद की जाती है और खाने में अलग अलग हिसाब से इन्हे प्रयोग किया जाता है। तो चलिए जानते है देगा और कश्मीरी मिर्च के फायदों के बारे में 

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देगा मिर्च 
अगर देगा मिर्च की बात करे तो देगी मिर्च एक पारंपरिक भारतीय मसाला है जी कश्मीर से लाल मिर्च और सुखी लाल मिर्च के भव्य संयोजन से निर्मित होता है।भारतीय व्यंजन में इसको एक उज्वल लाल या नारंगी कलर देने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।इसका इस्तेमाल दाल और पराठे जैसे खाने को एक अच्छा और शानदार कलर देने के लिए किया जाता है। 

देगी मिर्च की स्कोविल रेटिंग 1,500 से 2,000 है। सुखी देगी मिर्च पाउडर में रेड पेपर के समान स्वाद होता है,लेकिन जब तेल के साथ इसे भुना जाता है तो यह अपने मसालेदार फ्लेवर को छोड़ देता है और खाने को एक जबरदस्त स्वाद देता है। 

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कश्मीरी लाल मिर्च 
कश्मीरी लाला मिर्च भारत की शीर्ष उत्पादक है। वे कश्मीर से उच्च गुणवत्ता वाली लाल मिर्च का मिश्रण है।इस मिर्ची को साबुत,पाउडर के रूप में या छोटे टुकड़ो में काटकर प्रयोग किया जाता है। 

कश्मीरी मिर्च खाने को एक अलग रंग देती है।इसका इस्तेमाल किसी भी व्यंजन को मसाला देने के लिए भी किया जा सकता है। 1,000 से 2,000 की स्कोविल रेटिंग के साथ इनका फ्लेवर हल्का होता है।भुनने पर इसकी महक बढ़ जाती है,इसलिए इसे ज्यादातर तंदूरी रेसिपी में प्रयोग किया जाता है।यह उन खाद पर्दार्थो में बेहद चमकीला रंग जोड़ता है जो रंग को अवशोषित करने में सक्षम होते है।