11 साल सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर लगा यौन उत्पीड़न का आरोप

 
xcx

भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह इन दिनों पूरी तरह से विवादों से घिरे हुए है। उन पर यौन शोषण जैसे आरोप लगे हुए है। हैरानी की बात यह है की ये इल्जाम लगाने वाला और कोई नहीं बल्कि देश के करीब 30 नामी गिरामी पहलवान है। जो देश का नाम गर्व से ऊँचा कर चुके है। बृजभूषण सिंह सियासत में वह नाम है जो अपनी दबंगई और लगातार जीत के लिए जाना जाता है।  सांसद बृजभूषण सिंह राजनीति के अखाड़े में भी कई सियासती पहलवानो को पटखनी दे चुके है। लेकिन इस बार देश की महिला पहलवानो को उन्होंने दांव उन पर भारी पड़ता हुआ नजर आ रहा है। 

यौन उत्पीड़न का आरोप 
भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ ब्रजभूषण सिंह के खिलाफ देश के प्रख्यात पहलवानों ने मोर्चा खोल दिया है। महिला पहलवानो ने कुछ कोच और बृजभूषण शरण सिंह पर उत्पीड़न के आरोप लगाए गए है। वह इस बात को लेकर सारे पहलवान जंतर-मंतर पर धरना देकर बैठे है। इन पहलवानो में बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, सरिता मोर और सुमित मलिक जैसे बड़े नाम शामिल है। जीनोने समय-समय पर ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स तक कुश्ती की कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मैडल जीते है। 

11 साल से कुर्सी पर कब्जा 
लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। जब बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह चर्चा में या विवादों में घिरे है। इससे पहले भी वह मंच पर एक पहलवान को थप्पड़ मरवाने के मामले को लेकर घिर चुके है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी लाइन से हटाकर राज ठाकरे के खिलाफ मोर्चा खोला था। बृजभूषण शरण सिंह 11 साल से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाकर बैठे है। आइए जानते है बृजभूषण शरण सिंह के बारे में 

कौन है बृजभूषण शरण सिंह 
आपको बता दे, सांसद बृजभूषण शरण सिंह पिछले कई साल से भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष है। वे केसरगंज लोकसभा सीट से सांसद है। 6 बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह को सिर्फ राजनीति ही नहीं कुश्ती का माहिर खिलाडी भी है। बृजभूषण सिंह 011 से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष है। यूपी के गोंडा जिले के बीच नोहर गांव के रहने वाले हैं बचपन और युवावस्था में उन्होंने कुश्ती में काफी नाम कमाया है। इसके साथ उन्होंने 1980 के दशक में छात्र राजनीति की शुरुआत की। वे 1988 में बीजेपी में शामिल हुए जब राम मंदिर को लेकर आंदोलन हुआ था। इस समय उनकी उम्र हिंदुत्व की छवि ने उन्हें क्षेत्र में लोकप्रिय बना दिया था। 

 इस तरह से लड़े चुनाव और जीत मिली
बृजभूषण शरण सिंह पहली बार 1991 में चुनाव लड़े थे उसके बाद राजनीतिक रूप से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर कैसरगंज सीट से जीत हासिल की। इसके बाद 2014 चुनाव से पहले बृजभूषण फिर बीजेपी में शामिल हो गए। 2014 से 2019 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े और लोकसभा में पहुंच गए। 

विवादित ढांचा गिराए जाने के भी आरोपी
बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराने के मामले को लेकर भी आरोप लगा है लेकिन बाद में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया दरअसल आडवाणी समेत जिन 40 नेताओं पर आरोप लगाए गए थे। उनमें बृजभूषण शरण सिंह का नाम भी शामिल था जिन्हें 2020 में बरी कर दिया गया था। 

विवादों से नाता
आपको बता दें, बृजभूषण अपने अक्कड़ अलग अंदाज और अपनी बेबाकी बयानबाजी के लिए भी जाने जाते हैं। इसी बयानबाजी की वजह से विवादों में घिरे रहते हैं। पिछले साल जब राज ठाकरे ने अयोध्या के दौरे का ऐलान किया था। उसके बाद बृजभूषण ने पार्टी स्टैंड से अलग राज ठाकरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। यहां तक कि अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने कहा था कि राज ठाकरे का अयोध्या में स्वागत है। पर बृज भूषण ने ऐलान कर दिया था कि राज ठाकरे को अयोध्या में घुसने नहीं देंगे। इसके बाद बाबा रामदेव के खिलाफ देवी व बृजभूषण सिंह ने मोर्चा खोला था। इसके बाद पतंजलि की ओर से बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस भी भेजा गया। also read
रेसलिंग बॉडी चीफ को बर्खास्त करे,एथलीट्स ओवर #Me too कहे।रुको,मंत्री कहते है