Nirav modi scam : फर्जीवाड़े केस में केस दर्ज होने से पहले ही देश से फरार हुआ नीरव मोदी,जानिए क्या है पूरा मामला

 
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साल 2018 में देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी में 114अरब रूपये का घोटाला सामने आया।उस समय पीएनबी ने आरोप लगाया था की अरबपति ज्वेलरी डिजाइनर नीरव मोदी ने बैंक की मुंबई स्थति एक शाखा से फर्जी तरीके से शपथ पात्र प्राप्त कर बाकी भारतीय बेंको से विदेशो में पैसा हासिल कर लिया।देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाला कहे जाने वाले इस मामले में पीएनबी ने अपने दस अधिकारियो को निलबित करते हुए सीबीआई से इसकी शिकायत की थी।घोटाले की खबर समाने आने के बाद पीएनबी के शेयरों में लगभग दस फीसदी की गिरावट आई,जिससे निवेशकों के लगभग 4000 करोड़ रूपये डूब गए। 

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पंजाब नेशनल बैंक में फर्जीवाड़ा 2011 से चल रहा था और इसमें बैंक के वरिष्ठ अधिकारियो की संलिप्तता थी।पीएनबी ने अपनी और से जारी एक बयान में कहा था की मुंबई स्थ्ति उसकी एक ब्रांच में फर्जी तरीके से ट्रांजेक्शन कर कुछ खाताधारकों को फायदा पहुंचाया गया।उसके मुताबित नीरव मोदी के भाई निसाल,पत्नी एमी और मेहुल चौकसी की और से किए गए ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों ने विदेश में बाकी भारतीयों बेंको से लोन लिया। मेहुल चौकसी नीरव मोदी के रिश्तेदार थे और ज्वेलरी चेन गीतांजलि के मालिक थे।घोटाला सामने आने के बाद वे भी छोड़कर भाग गए थे। 

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नीरव मोदी पर पीएनबी ने 280 करोड़ रूपये की धोखाघड़ी के केस दर्ज कराया था। इस पुरे घोटाले में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत भी शामिल थी। इस घोटाले की जाँच सीबीआई ने भी की है।नीरव मोदी के अलावा इस घोटाले में उसके भाई निशाल,पत्नी,और रिश्तेदार व पार्टनर मेहुल चौकसी को भी आरोपी बनाया गया है।वही 29 जनवरी,2018 -पंजाब नेशनल बैंक में नीरव मोदी,राहुल चौकसी और बाकी आरोपियों के खिलाफ 280 करोड़ की धोखाघड़ी का मामला दर्ज कराया।मामला दर्ज होने से पहले ही एक एक जनवरी को नीरव मोदी भारत छोड़कर चल गए थे। 9 नवंबर को ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने धोखाघड़ी और धनशोधन के आरोप का सामना करने के लिए नीरव मोदी को भारत प्रत्यापिर्त करने का आदेश दिया और नर्व मोदी के भारत प्रत्यपर्ण का रास्ता साफ हो गया।