प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के जी 23 के कुछ नेताओं के साथ किया विचार विमर्श और अपनी राय में कही ये बात

 
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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने हालिया विधानसभा एलेक्शनों से पहले कांग्रेस के जी 23 के कुछ नेताओं के साथ मंथन किया था जिसमें उनकी राय थी कि अगर राहुल गाँधी को PM का फेस बनाना हे तो फिर गांधी परिवार से इतर किसी इंसान को पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौपनी चाहिए किशोर पिछले कुछ दिनों में कोंग्रेश नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के साथ कई बैठकें कर चुके हे और पार्टी में नयी जान लाने के लिए कई नई सुझाव भी दिए जिन पर सोनिया गांधी द्वारा गठित एक समिति विचार कर रही है 

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किशोर ने पिछले कुछ महीनों में गांधी परिवार से इतर पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों की और इन बैठकों का केंद्रबिंदु कांग्रेस को मजबूत करना और अगले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को पराजित करने की रणनीति तैयार करना था इसी कर्म में उन्होंने कांग्रेस के अशंतुष्ट धड़े जी २३ के कुछ नेताओं से भी हाल के महीनों में मुलाकात कि थी 
किशोर के साथ 3 महीने पहले लंबी बैठक करने वाले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और जी 23 के सदस्य ने नाम न बताने कि शर्त बताया पीके मेरे पास आए थे और करीब तीन घंटे बैठे थे वह बैठक से बहुत खुश थे उनसे मिलने के बाद ऐसा लगा कि वह PM को हराना छाते है और इसको लेकर गंभीर भी है उन्होंने कहा मेरी जानकारी के हिसाब से वह जी 23 के कुछ और नेताओं तथा कांग्रेस के कई नेताओं से भी पिछले महीनों के दौरान ही मुलाकात की थी 

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कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने कहा pk ने मेरे साथ मुलाकात में कोंग्रेश में बदलाव विपक्षी एकजुटता पर विस्तार से चर्चा कि थी उनका साफ कहना है कि कोंग्रेश एवं विपक्ष के मौजूदा स्वरूप के साथ नरेंद्र मोदी को हराया नहीं जा सकता है उनके अनुसार PK का कहना था कि अगर राहुल गाँधी को PM पद का दावेदार बनाना है तो फिर गांधी परिवार से अलग किसी को अध्धक्ष पद कि कमान देनी होगी 
किशोर ने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ और युवा सबको मिलकर काम करना होगा किसी ने अगर पार्टी के लिए 30 -40 साल तक काम किया है तो उसे अचानक अलग नहीं किया जा सकता है इसी बीच गुरुवार को 80 से अधिक पेजों वाली एक प्रजेंटेशन सामने आई जिस्मने गाँधी परिवार से अलग अध्यक्ष बनाने का मामला सामने आया है 
इस प्रजेटेंशन में यह सुझाव दिया गया है कि कोंग्रेश को मजबूत करने के लिए जरुरी है कि नेतृत्व के विषय को हल किया जाए और घठबंधन को सुलझाया जाए पार्टी अपने पुराने मूल्यों कि तरफ लौटें शुरूआती स्तर पर कार्यकर्ताओं कि फौज तैयार कि जाए और मिडिया कि रणनीति के सिस्टम में भी बदलाव किया जाए इसके बाद किशोर के कांग्रेस में शामिल होने या उनकी आगे कि भूमिका पर फैसला होगा