बंद हो गया ये को -ऑपरेटिव बैंक RBI ने रद्द किया लाइसेंस ,खाताधारकों को दिया ये ऑप्शन

 
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RBI ने महाराष्ट्र के एक को -ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने जमाकर्ताओं के खतों में जमा राशि से निकासी के दावों को लेकर भी तस्वीर साफ़ कर दी है केंद्रीय बैंक ने इस संबंध में बयान जारी कर कहा गया है की अब बैंक के जमाकर्ता  500000 रूपये तक का दावा कर सकते है 

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RBI ने महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थित द लक्ष्मी को -ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेसं कैंसिल कर दिया है इसके बाद अब बैंक लेनदेन सहित अन्य वित्तीय काम नहीं कर सकेगा इस संबंध में RBI की तरफ से कहा गया है की प्रत्येक जमाकर्ता DICGC अधिनियम 1961 में प्रावधानों के तहत जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी नियम से 5 लाख रूपये तक का दावा करने का हकदार होगा 
जानकारी के अनुसार RBI ने पर्याप्त पूंजी की कमी का हवाला देते हुए  गुरूवार को महाराष्ट्र स्थित द लक्ष्मी को -ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है RBI ने कहा  'Laxmi Co-operative Bank Limited का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है क्योकिं इसके पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं है और बैंक की निरंतरता उसके जमाकर्ताओं के हित में नहीं है 
DICGC अधिनियम 1961 के अनुसार जिन कस्टमर्स का पैसा बैंक में जमा है उन्हें 5 लाख रूपये के डिपॉजिट पर इंश्योरेंस का कवर दिया जाएगा DICGC RBI की एक सब्सिडियरी है जो सहकारी बैंकों के कस्टमर्स को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराता है ऐसे में कस्मर्स को 5 लाख रूपये के जमा पर इंश्योरेंस जमा पर क्लेम के तहत वापस मिल सकेंगे इससे ज्यादा राशि नहीं मिलेगी    

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इसके लिए अकाउंट होल्डर्स को अपनी जमा राशि के अनुसार बैंक के पैसे वापस लेने के लिए आवेदन करना होगा RBI के अनुसार लक्ष्मी को ऑपरेटिव बैंक की तरफ से उपलब्ध कराए गए आंकड़े को देखते हुए 99 % जमाकर्ता की जमा इस क्लेम दायरे के अंदर है ऐसे में उन्हें अपनी पूरी राशि वापस मिल सकती है RBI के फैसले के तहत 22 सितंबर से इस 110 साल पुराने बैंक की सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो गई है