अब ओवरस्पीडिंग को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग लागु करने के तय किए जाएगे तोर तरीके

 
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सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राष्टीय और राज्य हाइवे पर ओवर स्पीडिंग रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग लागु करने के तोर तरीके बनाने के लिए कहा है।कोर्ट ने शुक्रवार को कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस ए एम सप्रे कमेटी,मामले की सुनवाई में मदद करने वाले न्यायमित्र वकील गौरव अग्रवाल और केंद्रीय सड़क परिवहन एव राजमार्ग मंत्रालय की वकील एडिशन सॉलिसटर जनरल माधवी दिवान से यह कहा है।कोर्ट का कहना है की ओवर सपदिंग रोकने के लिए पुरे देश में मोटर व्हीकल एक्ट की धरा 136 ए के तहत इलेक्ट्रिक मॉनीटरंग लागु करने के तोर तरीके को तय करने पर विचार करे।साथ ही नयायमित इस पर दो सप्ताह में कोर्ट को रिपोर्ट सोपे। 

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फरवरी में होगी सुनवाई 

कोर्ट मामले पर फरवरी में फिर सुनवाई करेगा।प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई के समय ये निर्देश दिए।सड़क सुरक्षा में मुद्दे पर लंबित जनहित याचिका में एक नयी अर्जी दाखिल कर राष्टीय और राज्य हाइवे पर सड़क दुर्घटना रोकने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर धार जोड़ी गयी है। धारा 136 ए को लागु करते हुए ओवर स्पीडिंग रोकने के लिए इलेक्ट्रिक मॉनिटरिंग लागु करने की मांग की गयी है।मामले पर सुनवाई के समय याचिकर्ता की और से पेश वकील के सी जेन ने कहा की हाइवे पर दुर्घटना रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके ओवर स्पीडिंग को रोका जाए। 

कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस स्प्रे कमेटी ,न्यायमित्र गौरव अग्रवाल और माधवी दिवान को आपस में विचार विमर्श कर पुरे देश में इलेक्ट्रिक मॉनिटरिंग सिस्टम लागु करने के तोर तरीके तय करने के लिए कहा है। साथ ही बैठक और विचार सिमरष में याचिकाकर्ता के वकील के सी जेन भी हिस्सा लगे। also read : फिल्पकार्ट पर चल रही महाबजट सेल, Redmi 9i Sport स्मार्टफोन मिल रहा है सिर्फ 549 रूपये में