इस साल मौनी आमवस्या पर बना रहा बेहद खास संयोग, शनि देव की जन्म तिथि और पूजा का खास महत्व

 
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जैसा की आप जानते है माघ महीने की आमवस्या बड़ी आमवस्या मानी जाती है। इस आमवस्या को मौनी आमवस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस आमवस्या के स्वामी पितृ माने जाते है। इसलिए इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। वहीं इस दिन पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस दिन उपवास रखा जाता है। इस साल यह पर्व शनिवार 21 जनवरी के दिन पड़ रहा है। इस दिन शनि अपनी कुंभ राशि में रहने वाला है। जिससे इस आमवस्या पर शनि कृपा खास रहने वाली है। 

शनिवार और आमवस्या का खास संयोग 
शनिवार को पड़ने वाली मौनी अमावस्या को शनैश्चरी अमावस्या कहा जाता है। ये पर्व बेहद खास माना जाता है। इस संयोग में तीर्थ और पवित्र नदियों के संगम पर स्नान करने का खास महत्व होता है। माघ महीने के स्वामी शनि होने के कारण इस बार इस आमवस्या पर शुभ संयोग बना रहा है। बता दे, इस महीने में  शनिदेव का जन्म आमवस्या को हुआ था। इस वजह से शनि के अशुभ प्रभाव और दोषो से मुक्ति पाने के लिए इस बार की आमवस्या बेहद खास होने वाली है। 

शनि किस राशि के लिए है शुभ 
इस मौनी आमवस्या के दिन शनि अपनी राशि कुंभ में मौजूद रहेंगे। जो कि बेहद शुभ स्थिति है। ऐसा संयोग 27 साल पहले, इससे पहले ये संयोग 20 जनवरी 1996 को बना था। इसके बाद यह स्थिति 31 सालो के बाद में 7 फरवरी 2054 को बनेगी। 

इस हफ्ते 17 तारीख को शनि देव अपनी ही राशि यानी कुंभ में आ चुके हैं। जिससे मकर, कुंभ और मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती है। कर्क और वृश्चिक राशि के लोगों पर ढय्या शुरू हो गई है। इन राशियों के लोगों को परेशानियों से राहत के लिए आने वाली 21 जनवरी को शनैश्चरी अमावस्या पर शनि देव की पूजा और दान करना चाहिए।

शनि आमवस्या के दिन करे दान 
इस शनि आमवस्या के दिन आप काला कपड़ा, काला कंबल, लोहे के बर्तन दान कर सकते है। इसके साथ ही पीपल के पेड़ में पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। सरसो के तेल का दीपक जलाये। और पेड़ के परिक्रमा देवे। ॐ शनैश्चराय नमः मंत्र बोलते हुए शनि देव की मूर्ति पर तिल या सरसों का तेल चढ़ाएं।also read : 
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