अगहन कृष्ण एकादशी 20 नवंबर को,इस दिन विष्णु जी के साथ करे बाल गोपाल का अभिषेक,चढ़ाए माखन मिश्री

 
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हिन्दू धर्म में अगहन कृष्ण पक्ष की एकादशी का बेहद महत्व होता है।इस बार यह 20 नवंबर संडे को है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु के लिए व्रत उपवास और पूजा करने की परंपरा है।अगहन यानि मार्गशीर्ष मास को श्री कृष्ण का स्वरूप माना जाता है। इसी कारण से एकादशी के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा करने का शुभ योग बन रहा है। 

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हिन्दू धर्म में इस एकादशी पर भगवान विष्णु श्री कृष्ण की विशेष पूजा की जाती है इसके साथ व्रत भी किया जाता है। व्रत करने के लिए सुबह पूजा करते समय व्रत का संकल्प ले।इसके बाद दिनभर निराहार रहे अन्न का सेवन नहीं करे।भूखे रहना मुश्किल हो तो फलहार करे,फलहार में दूध और फलो का सेवन कर सकते है। 

एकादशी के व्रत और पूजा की विधि की बात करे तो इस दिन सुबह स्नान के बाद भगवान गणेश जी की पूजा करे।गणेश जी को जल चढ़ाये। वस्त्र और फूलो का शृगार करे। चंदन ,दूर्वा,हार फूल,अर्पित करे।लड्डू का भोग लगाए। धुप दिप जलाकर आरती करे। गणेश पूजा के बाद श्री कृष्ण का अभिषेक करे।बाल गोपाल का अभिषेक खुशबूदार फूलो वाले जल से करे।इसके लिए पानी में गुलाब,मोगरा के फूल की पंखुडिया डाले।

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श्री कृष्ण को अच्छे वस्त्र पहनाए। फूलो का शृगार करे।मोर पंख के साथ मुकुट पहनाए।पूजा में गोमाता की मूर्ति रखे।दूध,दही,घी शहद,और मिश्री मिलाकर पंचामृत बनाये और चांदी के बर्तन में भरे और तुलसी के साथ भोग लगाए। धुप दिप जलाकर आरती करे।प्रसाद बाटे और खुद ले।इस तरह भगवान बाल गोपाल का अभिषेक करे।ऐसा करने से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।