कल खत्म होगा अगहन कृष्ण पक्ष,अमावस्या तिथि के दिन जरूर करे ये सरल काम,इस दिन सूर्य -चंद्र रहते है एक साथ

 
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बुधवार 23 नवंबर को अगहन मास की अमावस्या है और इस दिन अगहन मास का कृष्ण पक्ष खत्म होगा।अगले दिन यानी 24 तारीख से इस महीने का शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा।अमावस्या के स्वामी पितृ देवता माने गए है। इसलिए इस तिथि पर पितरो के लिए धुप ध्यान करने की परंपरा है। ज्योतिष के अनुसार हिंदी पंचाग के एक माह में 15 - 15 तिथियों के दो पक्ष होते है -शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। कृष्ण पक्ष में चंद्र की कलाएं घटती है और अमावस्या पर चंद्र पूरी तरह से दिखाई नहीं देता है। शुक्ल पक्ष में चंद्र की कलाएं बढ़ती है यानी चंद्र बढ़ता है और पूर्णिमा पर चंद्र पुरे आकार में नजर आता है। 

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चंद्र की कुल सोलह कलाएं होती है और सोलहवीं कला का नामा है अमा। ये कला अमावस्या पर रहती है। ऐसा माना जाता है की अमा कला में चंद्र की बाकी सभी 15 कलाओ की शक्तिया होती है इस कला का श्रय नहीं होता है।ज्योतिष के अनुसार अमावस्या का संबध चंद्र के साथ ही सूर्य से भी है। इस तिथि पर सूर्य और चंद्र एक साथ एक ही राशि में होते है। यानी 23 नवंबर को ये दोनों ग्रह वर्षिक राशि में रहेंगे। इस दिन चंद्र के साथ ही सूर्य देव की भी विशेष पूजा की जाती है। सुबह सूर्य को अर्ध्य देकर दिन की शुरुआत करे। शिव जी के साथ ही भगवान के मस्तक पर विराजित चंद्र की पूजा करे। 

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वही ज्योतिष के अनुसार बुधवार के दिन ये शुभ काम कर सकते है।पितृ देवता अमावस्या के स्वामी है। इसलिए बुधवार को पितरो के लिए  तर्पण,श्राद्ध कर्म और धुप ध्यान करे।इस दिन जरुरतमंदो को दान पुण्य करे। इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करे इससे पुण्य लाभ मिलता है।अमावस्या पर सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल चढ़ाए और ॐ सूर्य नमः मंत्र का जाप करे। इसके अलावा इस दिन हनुमान जी के समाने दीपक जालये और और हनुमान चालीसा का पाठ करे।