Kartik purima 2022 : कार्तिक पूर्णिमा दो दिन,इस दिन स्नान -दान और दीपदान करने से पहले जान ले चंद्र ग्रहण के सूतक के बारे में

 
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कार्तिक का महीना चल रहा है।हिन्दू धर्म में इस महीने को बेहद फलदायक मानते है।कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन यानि 7 और 8 नवंबर को रहेगी। इसी कारण से ये पर्व भी इस बार दो दिन मनाया जाएगा। ज्योतिष के अनुसार दीपदान की पूर्णिमा सोमवार को मनाई जानी चाहिए। वही स्नान दान अगले दिन सुबह साढ़े 8 बजे से पहले कर लेना चाहिए। इसके बाद चंद्र ग्रहण का सूतक शुरू हो जाएगा।वही ग्रहण शाम को लगभग 4 बजे से शुरू होगा। 

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ज्योतिष के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा। इसलिए इस दिन देव दर्शन और पूजा -पाठ नहीं होंगे। देश में कुछ जगह आंशिक और कुछ जगह होने वाला पूर्व चंद्र ग्रहण शाम 6 बजे तक खत्म होगा। इसके बाद मंदिरो को पवित्र कर सफाई के साथ सूतक निकाला जाएगा। 

ज्योतिष के अनुसार 7 नवंबर को पूर्णिमा तिथि शाम 4:40 पर शुरू होगी और अगले दिन तक रहेगी।इसी कारण से गोधूलि वेला और प्रदोष काल के समय पूर्णिमा तिथि होने से दीपदान इसी शाम को किया जाना चाहिए। पूर्णिमा का चंद्र दर्शन और पूजन भी इसी रात में करना शुभ रहेगा।इसके अलावा मंगलवार का सूर्यदय पूर्णिमा तिथि में होगा। इसके कारण स्नान और दान भी इसी दिन सुबह जल्दी किया जाएगा। 

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ज्योतिष के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा में दीपदान और तीर्थ स्नान करने से जो पुण्य मिलता है वो अक्षय रहता है।यानी वो पुण्य फल कभी खत्म नहीं होता है। उससे मिलने वाला फायदा लंबे समय तक रहता है। पूर्णिमा के दिन दिप दान करने से पितृ संतुष्ट होते है और कई व्रतों का पुण्य मिलता है।कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से पुरे साल तक गंगा स्नान करने जितना पुण्य फल मिलता है।