परिवारजन की मृत्यु पर UIDAI के myAadhaar पोर्टल से ‘Report Death’ सेवा अपनाकर आसानी से आधार निष्क्रिय करें। डेटा चोरी, फर्जी पेंशन/सब्सिडी रोकें- 2.5 करोड़ आधार बंद। ऑनलाइन आधार नंबर, डेथ सर्टिफिकेट अपलोड कर 15-30 दिन में लॉक। बायोमेट्रिक लॉक व फेस चेक से सुरक्षा मजबूत। समय रहते अपडेट करें!
भारत में आधार कार्ड पहचान का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, पेंशन, सब्सिडी और मोबाइल सेवाओं से जुड़ा है। लेकिन परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु के बाद उसका आधार सक्रिय रहना डेटा चोरी और फ्रॉड का खतरा पैदा करता है। UIDAI ने myAadhaar पोर्टल पर ‘Report Death of a Family Member’ सेवा शुरू कर 2.5 करोड़ से ज्यादा मृतकों के आधार निष्क्रिय किए हैं। यह कदम पहचान धोखाधड़ी रोकता है और सरकारी लाभों का दुरुपयोग समाप्त करता है।
मृत्यु के बाद आधार सक्रिय रहने के खतरे
मृत व्यक्ति का आधार चोरी होकर फर्जी बैंक खाते खोले जा सकते हैं, पेंशन हड़पी जा सकती है या सब्सिडी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है। PIB के अनुसार, सक्रिय आधार से ‘घोस्ट’ पहचानें बनती हैं, जो वोटर फ्रॉड या लोन धोखाधड़ी का कारण बनती हैं। UIDAI की रिपोर्ट बताती है कि बिना निष्क्रियता के लाखों केस में धोखाधड़ी हुई। समय पर आधार बंद न करना परिवार को कानूनी पचड़े में डाल सकता है।
UIDAI की नई डीएक्टिवेशन प्रक्रिया
UIDAI ने 2025 में myAadhaar पोर्टल पर सरल ऑनलाइन सुविधा शुरू की। परिवारजन लॉगिन कर मृतक का आधार नंबर, नाम, मृत्यु तिथि और डेथ सर्टिफिकेट अपलोड करते हैं। सत्यापन (नाम 90% मैच, जेंडर 100%) के बाद 15-30 दिनों में आधार लॉक हो जाता है। यह सेवा 24 राज्यों में उपलब्ध है और बायोमेट्रिक डेटा को ‘डीएक्टिवेटेड’ स्टेटस देती है।
स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रोसेस
- स्टेप 1: myaadhaar.uidai.gov.in पर आधार से लॉगिन (OTP वेरिफिकेशन)।
- स्टेप 2: ‘Report Death of a Family Member’ चुनें।
- स्टेप 3: मृतक का 12-अंकीय आधार, मृत्यु पंजीकरण नंबर (MRS), तिथि और प्रमाण पत्र (PDF/फोटो) भरें।
- स्टेप 4: सबमिट करें; UIDAI ईमेल/SMS से कन्फर्मेशन भेजेगा।
ऑफलाइन विकल्प: नजदीकी आधार केंद्र पर फॉर्म और डेथ सर्टिफिकेट जमा करें। SMS से आधार लॉक (1947 पर: LOCKUID <last 4 digits> <OTP>) वैकल्पिक सुरक्षा है।
UIDAI की अन्य सुरक्षा पहल
UIDAI ने बायोमेट्रिक लॉक, फेस ऑथेंटिकेशन में लाइवनेस चेक, QR कोड e-KYC और एन्क्रिप्टेड डेटा वॉल्ट लागू किए। कोर बायोमेट्रिक कभी शेयर नहीं होती। मृत आधार रिएक्टिवेट बायोमेट्रिक से संभव, लेकिन सख्त जांच। 2026 तक 3 करोड़ लक्ष्य है।
सावधानियां और जिम्मेदारियां
मृत्यु प्रमाण आवश्यक; गलत जानकारी पर जुर्माना। दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में स्थानीय केंद्र मददगार। समय पर रिपोर्टिंग से परिवार सुरक्षित, धोखाधड़ी रुकती है। विशेषज्ञों का कहना है, “यह न सिर्फ कानूनी, बल्कि नैतिक कर्तव्य है- सही लाभ सही हाथों में पहुंचे।” परिवारजन तुरंत अपडेट करें, क्योंकि देरी महंगी पड़ सकती है। UIDAI हेल्पलाइन 1940 पर संपर्क करें।
