Agriculture News : सरकार की ओर से हाल ही में किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अब हाल ही में सरकार ने कृषि उत्पादकता और किसानों (Agriculture News ) की आमदनी बढ़ाने के लिए एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत मिल रही आधुनिक तकनीक से किसानों की किस्मत बदलने वाली है। इसके लिए सरकार सब्सिडी का लाभ भी किसानों को दे रही है।
सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और खेती किसानी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अब हाल ही में आई एक आधुनिक तकनीक ने किसानों (Farmer News) की किस्मत बदल दी है। सरकार अब इस आधुनिक तरीके को अपनाने और खेती को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सब्सिडी का लाभ दे रही है। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में
सब्सिडी के रूप में इतनी राशि वहन करेगी सरकार
जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की प्लास्टिक मल्चिंग योजना (Government’s Plastic Mulching Scheme) के तहत अब किसान बेहद कम लागत में आधुनिक तकनीक को अपना सकते हैं। इस आधुनिक तकनीक के लिए प्रति हेक्टेयर की कुल लागत (Total cost per hectare)तकरीबन 32 हजार रुपये तय किया गई है, जिसमें से सरकार सब्सिडी के रूप में 50 प्रतिशत राशि वहन करेगी, जिससे किसान कम पूंजी इन्वेस्ट कर ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगे।
जानिए क्या है प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक के फायदे
बता दें कि प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक (Plastic mulching technology) के तहत खेत की मेड़ों या क्यारियों को खास तरह की पॉली शीट से कवर किया जाता है। इसका फायदा यह होता है कि इससे मिट्टी की नमी लॉन्ग टाइम तक बनी रहती है और बार-बार सिंचाई करने की जरूरत नहीं होती। इतना ही नहीं, बल्कि खरपतवार उगे उससे पहले ही नियंत्रित हो जाते हैं, जिससे निराई-गुड़ाई पर होने वाले खर्च में कमी आती है।
कम सिंचाई में होगा बंपर उत्पादन
इस आधुनिक तकनीक से पानी की बचत होने के साथ ही मल्चिंग के चलते मिट्टी में वाष्पीकरण के प्रोसेस (process of evaporation in soil) की गति धीमी पड़ जाती है। जिससे कम पानी की जरूरत होती है और इससे उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान अगर मल्चिंग तकनीक (mulching technology) को अपनाते हैं तो इससे उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है और खासतौर पर सब्जी और बागवानी फसलों में बंपर उत्पादन होगा।
इन किसानों के लिए अधिक फायदेमंद है ये तकनीक
खासतौर पर वो किसान जो टमाटर, मिर्च, बैंगन, खीरा, तरबूज, स्ट्रॉबेरी और फूलों की खेती करते हैं, उन किसानों के लिए ये तकनीक बेहद फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि ये फसल मिट्टी के संपर्क में नहीं आती, जिससे फसल सड़ने की परेशानी कम होती है और गुणवत्ता भी बेहतर होती है। फसलों की बेहतर गुणवत्ता के चलते मंडयों में किसानों को फसलों मूल्य (crop prices to farmers) भी मिल रहा है।
सरकार किसानों को दे रही सब्सिडी की सुविधा
जिला उद्यान पदाधिकारी के अनुसार सरकार इस तकनीक के जरिए ज्यादा किसानों को आधुनिक कृषि (modern agriculture to farmers) से जोड़ना चाहती है, ताकि खेती को फायदे का बिजनेस बनाया जा सके। इस वजह से किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ ही अब सरकार की ओर से सब्सिडी की सुविधा (subsidy facility) भी दी जा रही है, जिससे वे बिना परेशानी और बिना किसी रिस्क के खेती में नई तकनीक का यूज कर सकें।
किसानो की पकड़ में आई ये तकनीक
पहले किसान प्लास्टिक मल्चिंग (Kisan Plastic Mulching) को महंगी मान रही थी, लेकिन अब ये किसानो की पकड़ में आ गई है। अब किसानों और सरकार के सहयोग से ये तकनीक जिले में काफी फायदेमंद साबित हो रही है। इस तकनीक से आगाीम समय में किसान आधुनिक खेती के जरिए आत्मनिर्भन बनेंगे और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
