Haryana News : हरियाणा राज्य के लाखों बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, हरियाणा सरकार ने दो बैंकों में अकाउंट बंद करने का फैसला लिया है। अगर आपका बैंक में खाता है तो ये खबर आपके लिए बेहद अहम है, क्योंकि आजकल बैंक में सभी के अकाउंट होते हैं और चाहे सैलरी हो या किसी सरकारी स्कीम सभी के पैसे खाते में आते हैं। ऐसे में अगर अकाउंट क्लोज हो जाए तो काफी नुकसान हो सकता है। इसलिए फटाफट यह चेक कर लें कि सरकार ने किन अकाउंट को बंद किया है और पैसे खाते से कैसे निकाल सकते हैं। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं –
हर किसी का बैंक में खाता होता है। किसी को सैलरी के लिए, किसी को सैविंग के लिए तो वहीं किसी को सरकारी स्कीम का लाभ उठाने के बैंक में खाते की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में अगर आप हरियाणा के निवासी है और आपने बैंक में खाते को खुलवाया हुआ है तो फिर आपको बता दें कि सरकार ने इन 2 बैंक में खातों को बंद कर दिया है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
इन दो प्राइवेट बैंक में खाते होंगे बंद-
हरियाणा सरकार ने दो प्राइवेट बैंक (private bank account closed) में संचालित सभी सरकारी खातों को बंद करने का फैसला ले लिया है। सभी विभागों और बोर्ड-निगमों को इन बैंकों में जमा राशि निकालकर खाते बंद करने के लिए निर्देश जारी कर दिये हैं। अब सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों में ही खाते खोले जा सकते हैं। प्राइवेट बैंकों में खाता खोलना भी पड़ा तो पहले ठोस वजह बताते हुए वित्त विभाग से मंजूरी लेने की जरूरत पड़ जाती है।
बैंक खाते खोलने को मिली मंजूरी-
वित्त विभाग की ओर से इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्ष, उपायुक्तों, बोर्ड-निगमों और सरकारी कंपनियों व स्वायत्त निकायों के प्रबंध निदेशक, मुख्य प्रशासक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार और मंडलायुक्तों को निर्देश जारी कर दिये हैं। विभागीय योजनाओं-परियोजनाओं और कार्यक्रमों के लिए बैंक खाते खोलने को लेकर मंजूरी प्रदान कर दी है।
वित्त विभाग की मिली मंजूरी-
अगर कोई विभाग राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता नहीं खोलकर निजी बैंकों से लेन-देन करने की चाह रखता है तो फिर उसे इसकी वजह और प्रस्तावित खाते या योजना का पूरा विवरण देना होता है। वित्त विभाग (finance department) की मंजूरी के बिना निजी बैंक में खोला गया कोई भी खाता अनियमित माना जाता है और उसे तत्काल बंद कर दिया जाएगा। आदेश का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों पर प्रशासनिक और वित्तीय कार्रवाई की जाने वाली है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सरकारी कामकाज से हटा दिया गया है।
वित्त विभाग ने दी जानकारी-
इसके साथ ही में वित्त विभाग (finance department) ने बताया है कि कुछ बैंक विभागों और निगमों द्वारा किए जा रहे सावधि जमा की शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई मामलों में ये देखने को मिल रहा है कि लचीली जमा या उच्च ब्याज दर वाले अन्य सावधि जमा साधनों में धनराशि रखने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बैंक बचत खातों में धनराशि को रोक रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप सरकार को वित्तीय हानि का सामना करना पड़ रहा है।
फिक्स्ड डिपाजिट की शर्तों का करना होगा पालन-
कई विभाग और निगम संबंधित बैंकों (Bank News) के साथ अपने सावधि जमा और बैंक खातों का नियमित रूप से मिलान नहीं कर रहे है। इससे इस तरह की अनियमितताओं का समय पर पता नहीं चल पा रहा है। इन्हें फिक्स्ड डिपाजिट अनुमोदित नियमों और शर्तों का पालन करने को कहा गया है। सभी सावधि जमा और संबंधित बैंक खातों का मासिक आधार पर मिलान करना होगा।
संबंधित बैंकों (Bank Latest News) के साथ तुरंत विसंगतियों का मुद्दा उठाकर गंभीर अनियमितताओं की रिपोर्ट वित्त विभाग (finance department News) को देनी होगी। सभी विभागों और बोर्ड-निगमों को 31 मार्च तक अपने बैंक खातों का मिलान कर चार अप्रैल तक अनुपालन रिपोर्ट वित्त विभाग को भेजने के लिए कहा गया है।
