भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने अपने 4G सर्विस के लिए उत्तर भारत के 5 राज्यों में 3,500 बेस ट्रांसीवर स्टेशन लगाए है यह जानकारी BSNL के सीएमडी पीके पुरवार के द्वारा दी गयी है इसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में शामिल है। BSNL जल्द ही मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में भी अपने 4G BTS लगाने का काम शुरू करेगा।
पुरवार के मुताबिक, BSNL अपने चौथी पीढ़ी की सेवाएँ जल्द ही कमर्शियल लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है यह 20,000 BTS लाइव होने के बाद संभव हो सकता है इसके साथ ही BSNL ने 4G सेवाएं प्रदान करने के लिए सबसे पहले तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को चुना है।
अप्रैल के बाद तमिलनाडु में रोलआउट
हालांकि, तमिलनाडु में अप्रैल के बाद 4G का रोलआउट होने के उम्मीद की जा रही है इसके साथ ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 4,200 से अधिक साइटों पर टावर लगाने का काम पहले से ही चल रहा है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को मिला है कॉन्ट्रैक्ट
इसके साथ ही जून 2023 में BSNL ने 4G इक्विपमेंट लगाने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लगाने और सरकारी कंपनी ITI लिमिटेड को लगभग 19,000 करोड़ रुपये का अग्रिम ऑर्डर देने के लिए कहा है।
कर्मचारी संघ ने जताई चिंता
सरकारी दूरसंचार ऑपरेटर के एक कर्मचारी संघ ने पहले कहा था कि BSNL यूजर्स का प्राइवेट सेक्टर कंपनियों रिलायंस जियो और भारती एयरटेल की ओर पलायन और 4G इक्विपमेंट की सफ्लाई में देरी करने की वजह से उम्मीदे बढ़ गयी है। कर्मचारी संघ BSNLEU ने कहा था कि TCS को BSNL को अपने 4G इक्विपमेंट देने में कम से कम एक साल और लगेगा, क्योंकि उन उपकरणों ने अभी तक फील्ड परीक्षण भी पूरा नहीं किया है।
