Budget 2026 : अब कुछ ही दिनों में वित्त मंत्री की ओर से केंद्रीय बजट पेश किया जाने वाला है। अब बजट के लिए सरकार की नजरें आरबीआई की कैलकुलेशन (RBI calculation) पर टिकी हुई है। सरकार के लिए ये बजट बेहद अहम होने वाला है और इसी बजट में कई जरूरी जानकारी भी साझा की जाएगी। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में।
वित्त मंत्री की ओर से 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश किया जाएगा। अब इस बार बजट कई मायनों में काफी अलग होने वाला है। बजट के लिए आरबीआई द्वारा कैलकुलेशन किया जाएगा और सरकार बजट के लिए आरबीआई की कैलकुलेशन (Government Budget RBI Calculations) पर निगाहें टिकाए इंतजार कर रही है, क्योंकि ये गणना सरकार ने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
आय के केलकुलेशन में आरबीआई की भूमिका
अब कुछ ही दिनों में बजट पेश किया जाएगा और बजट के हर एक रुपये का कितना हिस्सा कहां से आया और कहां जाएगा, इस बारे में बताया जा रहा है। दरअसल, आपको बता दें कि आय के केलकुलेशन (Income calculation) में रिजर्व बैंक की भूमिका में बढ़ौतरी हो रही है। सरकार की नॉन टैक्स रेवेन्यू का बैंक से जो डिविडेंड मिला है, वो सबसे बड़ा हिस्सा रहा है और इस पर नीचे जाने से नॉन टैक्स रेवेन्यू या गैर कर राजस्व प्रभावित होता है। सरकार के लिए आय (income for government) बढ़ाना भी जरूरी हो गया है। ऐसे में सरकार इंतजार में है कि डिविडेंड पर RBI की क्या और कैसे गणना रही है।
रिवेन्यू स्ट्रक्चर में सरकार की आय
केंद्रीय बजट के राजस्व विभाग द्वारा संचालित रिवेन्यू स्ट्रक्चर में सरकार की आय को खास रूप से टैक्स राजस्व (Tax Revenue) और गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue) में विभाजि किया जाता है। जहां कर राजस्व सरकार की कुल इनकम का तकरीबन 80 प्रतिशत या उससे ज्यादा हिस्सा बनाता है, वहीं गैर-कर राजस्व का योगदान भी रहता है, किंतु थोड़ा कम रहा है। कर राजस्व में इनकम टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स, जीएसटी, कस्टम और एक्साइज ड्यूटी शामिल है।
गैर-कर राजस्व की बात करें तो इसमे ब्याज से आय, फीस और जुर्माने, रॉयल्टी, लाइसेंस शुल्क व सरकारी उपक्रमों व आरबीआई(Reserve Bank of India) से मिलने वाला डिविडेंड को जोड़ा गया है। बीते कुछ सालों में RBI से जो डिविडेंड मिलता है, वो गैर-कर राजस्व यानि नॉन टैक्स रेवेन्यू का बड़ा सोर्स बना है।
बीते आठ सालों में RBI के डिविडेंड का आंकड़ा
बीते आठ सालों में RBI ने सरकार को जो डिविडेंड (RBI dividend to government) दिया है, वो बदलता हुआ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 22 में यह कम होकर केवल 30,307 रुपये करोड़ रह गया था। वहीं, FY25 में यह एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर 2।68 रुपये लाख करोड़ से ज्याद हो गया है। RBI डिविडेंड की गैर-कर रिवेन्यू में भागीदारी भी अलग-अलग सालों में 8 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक रही है।
इसके साथ ही RBI डिविडेंड (RBI Dividend) ने फाइनेंशियल ईयर 19 में गैर-कर राजस्व का लगभग 75 प्रतिशत योगदान दिया था। उसके बाद FY22 में योगदान का यह हिस्सा केवल 8 प्रतिशत रह गया। इसके साथ ही FY24 और FY25 में RBI से जो बड़े ट्रांसफर मिले, उसने गैर-कर राजस्व को नई मजबूती दी है। वहीं, FY25 में गैर-कर राजस्व का योगदान 50 प्रतिशत रहा है।
जानिए कितना है RBI के डिविडेंड का हिस्सा
साल डिविडेंड (Rs Cr)Non-Tax Revenue (Rs Cr)RBI की हिस्सेदारी
फाइनेंशियल ईयर 25 2,68,590 5,37,544 (PA) 50 प्रतिशत
फाइनेंशियल ईयर 24 2,10,874 4,01,785 53 प्रतिशत
फाइनेंशियल ईयर 23 87,416 2,85,421 31 प्रतिशत
फाइनेंशियल ईयर 22 30,307 3,65,112 8 प्रतिशत
फाइनेंशियल ईयर 21 99,122 2,07,632 48 प्रतिशत
फाइनेंशियल ईयर 20 57,128 3,27,157 18 प्रतिशत
फाइनेंशियल ईयर 19 1,75,988 2,35,705 75 प्रतिशत
फाइनेंशियल ईयर 18 50,000 1,92,745 26 प्रतिशत
कुल (8 साल में) 979425 2553101 38 प्रतिशत
किस वजह से हुआ ज्यादा सरप्लस ट्रांसफर
जानकारी के लिए बता दें कि रिजर्व बैंक (reserve Bank) की मजबूत सरप्लस आय को ही फाइनेंशियल ईयर 24 और FY25 में RBI डिविडेंड (RBI Dividend in FY25) में आई तेज इजाफे का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसमे विदेशी मुद्रा भंडार, सरकारी बॉन्ड्स और अन्य निवेशों पर हुई बढ़ौतरी को बहम माना गया है। बता दें कि मजबूत निवेश गेंस के चलते RBI सरकार को ज्यादा से ज्यादा सरप्लस ट्रांसफर करने में सक्षम सक्षम रहा है।
कैसे अहम है RBI डिविडेंड की अहमियत
हालांकि आपको बता दें कि कुल बजट में गैर-कर राजस्व का हिस्सा (non-tax revenue in total budget) काफी सीमित रहता है, किंतु RBI से जो डिविडेंड दिया जाने वाला है, वो सरकार के वित्तीय केलकुलेशन को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाता है। अगर बजट अनुमान से टैक्स कलेक्शन कम रहता है तो दबाव बनता है, उस समय में RBI और PSU से जो डिविडेंड मिलता है, वो सरकार के लिए शॉक एब्जॉर्बर की तरह काम करता है। फाइनेंशियल ईयर 25 में RBI से मिला रिकॉर्ड डिविडेंड सरकार को एक्स्ट्रा फिस्कल स्पेस देने में मदद दे सकता है, जिससे खर्चों में कटौती का दबाव कम हुआ और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कंट्रोल करने में मदद मिली।
RBI डिविडेंड की भूमिका
भले ही देशभर में आर्थिक विकास बढ़ा हे और टैक्स कलेक्शन (tax collection) और कई सुधार हुए हैं, लेकिन फिर भी बजट संतुलन में RBI डिविडेंड की भूमिका (Role of RBI Dividend) बढ़ी है। इसके चलते FY27 के RBI डिविडेंड आंकड़े को लेकर बाजार, नीति-निर्माता और इन्वेस्टर्स अलर्ट हुए हैं, क्योंकि इन सब चीजों से सरकार की आय, राजकोषीय घाटे और कुल बजट रणनीति प्रभावित होती है।
